Asahi India Glass ने वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कुल आय **8.74%** बढ़कर **₹5,031.03 करोड़** पर पहुंच गई है। हालांकि नए प्लांट के कमीशनिंग के चलते बढ़े खर्चों ने मुनाफे पर थोड़ा दबाव डाला है, लेकिन कंपनी ने कर्ज को करीब **19%** तक कम कर अपनी बैलेंस शीट को काफी मजबूत किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी का EBITDA 20.16% के उछाल के साथ ₹959.04 करोड़ पर रहा है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) 7.16% की गिरावट के साथ ₹344.70 करोड़ दर्ज किया गया है। मुनाफे में आई इस मामूली गिरावट की मुख्य वजह सोनियाना (Soniyana) फ्लोट ग्लास प्लांट (F3) की शुरुआत के बाद बढ़ा डिप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट है।
कर्ज में कमी और मजबूती
कंपनी ने अपने ₹1,000 करोड़ के QIP (Qualified Institutional Placement) से मिले फंड का इस्तेमाल करके अपना कर्ज ₹471.81 करोड़ कम कर लिया है। इसका सीधा असर कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर पड़ा है, जो 0.96x से घटकर अब 0.52x रह गया है, जो एक हेल्दी फाइनेंशियल स्थिति का संकेत है।
ऑपरेशंस और भविष्य की रणनीति
पैसेंजर व्हीकल ग्लास सेगमेंट में 80% मार्केट शेयर के साथ AIS मजबूती से बनी हुई है। कंपनी अब 'AIS Consumer Glass Solutions Limited' के जरिए B2C सेगमेंट पर भी अपना फोकस बढ़ा रही है। हालांकि, इंपोर्टेड ग्लास की सस्ती कीमतों और कमोडिटी मार्केट की अस्थिरता जैसे जोखिमों पर निवेशकों को नजर रखनी होगी। कंपनी ने प्रति शेयर ₹2 के डिविडेंड का ऐलान किया है, जो कैश फ्लो की स्थिरता को दर्शाता है।
