Artson Ltd ने Q2 FY27 में **₹2.01 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को **₹2.24 करोड़** का घाटा हुआ था। कंपनी ने अपनी पेरेंट कंपनी Tata Projects Limited से मिले लोन के भुगतान के लिए **2042** तक की मोहलत भी हासिल कर ली है।
घाटे से मुनाफे की ओर वापसी
Artson Ltd के लिए सितंबर तिमाही शानदार रही है। कंपनी ने ₹2.01 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया है, जो बीते साल की समान अवधि के ₹2.24 करोड़ के नुकसान से एक बड़ा सुधार है। इसका सीधा असर अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर दिखा है, जो अब ₹0.54 हो गया है, जबकि पिछले साल यह -₹0.61 था।
मुनाफे की असली वजह
मुनाफे के पीछे की मुख्य वजह एडिशनल प्रोजेक्ट क्लेम से हुई कमाई है। कंपनी ने ₹9.92 करोड़ की रेवेन्यू क्लेम से रिकवर की है। हालांकि ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹48.12 करोड़ से घटकर ₹38.68 करोड़ पर आ गया है, लेकिन क्लेम और बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट ने कंपनी को मुनाफे की पटरी पर ला खड़ा किया है।
बड़ा कॉर्पोरेट बदलाव और कर्ज में राहत
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दो बड़े कदम उठाए हैं:
- लोन मैच्योरिटी में विस्तार: Tata Projects Limited से लिए गए ₹40.30 करोड़ के लोन की अवधि को 2037 से बढ़ाकर 2042 कर दिया गया है। इससे कंपनी पर तात्कालिक कर्ज का दबाव काफी कम हो गया है।
- नए ऑडिटर: बोर्ड ने M/s. Walker Chandiok & Co. LLP को नए स्टैट्यूटरी ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है, जो FY2027 से FY2032 तक जिम्मेदारी संभालेंगे।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी की स्थिति में सुधार तो दिख रहा है, लेकिन अभी भी यह अपनी प्रमोटर कंपनी Tata Projects Limited के सहयोग पर काफी हद तक निर्भर है। भविष्य में बिना क्लेम के कंपनी रेवेन्यू कैसे बरकरार रखती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
