Artson Ltd ने Q2 FY2027 के लिए **₹2.01 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को नुकसान हुआ था। कंपनी को यह राहत एक वन-टाइम क्लेम और पैरेंट कंपनी Tata Projects Limited से मिली कर्ज की अवधि में छूट से मिली है।
मुनाफे के पीछे का असली कारण
Artson Ltd ने घाटे से बाहर निकलकर शानदार वापसी की है। कंपनी ने Q2 FY2026 के ₹2.24 करोड़ के नुकसान के मुकाबले इस बार ₹2.01 करोड़ का मुनाफा कमाया है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹48.12 करोड़ से घटकर ₹38.68 करोड़ रह गया है। मुनाफे की मुख्य वजह एक ₹9.92 करोड़ का वन-टाइम क्लेम रिकवरी है, जिसने बॉटम लाइन को मजबूती दी है।
कर्ज का बोझ कम हुआ
कंपनी के फाइनेंशियल मैनेजमेंट के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि Tata Projects Limited ने ₹40.30 करोड़ के लोन की मैच्योरिटी डेट को 2037 से बढ़ाकर 2042 कर दिया है। इस बदलाव से कंपनी पर तत्काल कैश चुकाने का दबाव कम हो गया है और उन्हें बिजनेस सुधारने के लिए अधिक समय मिल गया है।
ऑडिटर्स में बदलाव और आगे की राह
कंपनी ने अपने स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स को बदलने का फैसला लिया है। Walker Chandiok & Co LLP अब Price Waterhouse & Co Chartered Accountants LLP की जगह लेंगे। यह बदलाव FY 2027-28 से प्रभावी होगा और इसे 48वीं AGM में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलना बाकी है।
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि कंपनी का भविष्य काफी हद तक Tata Projects Limited के सहयोग पर टिका है। एक बार वन-टाइम गेन्स हट जाने के बाद कंपनी अपने कोर ऑपरेशंस से कितना मुनाफा कमा पाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
