Artemis Electricals and Projects ने FY 2025-26 के लिए अपना रिजल्ट जारी कर दिया है। कंपनी का रेवेन्यू **₹72.35 करोड़** से बढ़कर **₹80.56 करोड़** हो गया है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में इंटरनल कंट्रोल को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
मुनाफे के साथ बढ़ी चिंताएं\n\nकंपनी ने वित्तीय साल 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹80.56 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, वहीं कॉम्प्रिहेंसिव इनकम ₹8.69 करोड़ रही है। हालांकि, मैनेजमेंट के लिए चिंता की बात ऑडिटर की रिपोर्ट है, जिसमें 'Basis for Disclaimer of Opinion' दिया गया है। ऑडिटर ने कंपनी के इंटरनल फाइनेंस कंट्रोल और अधूरे दस्तावेजों को लेकर आपत्ति जताई है।\n\n### भविष्य की योजना और जोखिम\n\nकंपनी अपना फोकस एनर्जी सेक्टर पर शिफ्ट कर रही है और मार्च 2027 तक एक नया लिथियम-आयन बैटरी प्लांट शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसके बावजूद, इन्वेस्टर्स को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि कंपनी के कई पेंडिंग वेवर (waiver) एप्लिकेशन BSE के पास लंबित हैं। ये मामले SEBI के LODR नियमों, जैसे बोर्ड कंपोजिशन और फाइलिंग में देरी से जुड़े हैं।\n\n### बड़े लेन-देन (Related Party Transactions)\n\nबोर्ड ने ऑपरेशंस को गति देने के लिए बड़े ट्रांजेक्शन की मंजूरी दी है। इसमें Shree Umiya Builders & Developers के लिए ₹100 करोड़, Garuda Construction and Engineering के लिए ₹50 करोड़ और Ayesspea Holdings Investment के लिए ₹50 करोड़ की लिमिट तय की गई है।