ArisInfra Solutions ने अपनी सब्सिडियरी Arisunitern Re Solutions के मर्जर पर मुहर लगाने के लिए **25 नवंबर, 2026** को NCLT की एक विशेष मीटिंग बुलाई है, जिसमें सिक्योरड क्रेडिटर्स वोटिंग करेंगे।
मर्जर की पूरी प्रक्रिया
कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Arisunitern Re Solutions Private Limited (AUSPL) को खुद में मिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस मर्जर के लिए 30 सितंबर, 2026 तक के सिक्योरड क्रेडिटर्स पात्र होंगे। वोटिंग के लिए 22 नवंबर से 24 नवंबर के बीच रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा दी गई है, जबकि मीटिंग 25 नवंबर को आयोजित की जाएगी।
मर्जर से क्या बदलेगा?
इस विलय का मुख्य मकसद ऑपरेशनल तालमेल और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता (Economies of Scale) हासिल करना है। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में सुधार आएगा और EPS (अर्निंग पर शेयर) में मजबूती दिखेगी। इस कदम से कंपनी को अपनी सब्सिडियरी के पूरे वैल्यू पर कब्जा करने में मदद मिलेगी।
शेयर स्वैप रेशियो की डीटेल्स
इस मर्जर के तहत, Arisunitern Re Solutions (AUSPL) के शेयरहोल्डर्स को हर 10 शेयरों (जिनकी फेस वैल्यू ₹10 है) के बदले ArisInfra Solutions के 517 शेयर (जिनकी फेस वैल्यू ₹2 है) जारी किए जाएंगे।
आगे क्या होगा?
फिलहाल यह स्कीम सिक्योरड क्रेडिटर्स की मंजूरी और NCLT की अंतिम कानूनी मुहर के अधीन है। निवेशकों को इस मीटिंग के नतीजों पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह इस इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
