Archidply Industries ने FY26 में जोरदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **20.65%** बढ़कर **₹670.70 करोड़** पर पहुंच गया है, और कंपनी ने पिछले साल के घाटे से उबरकर **₹7.98 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि, क्षमता विस्तार के लिए इस साल कंपनी कोई डिविडेंड नहीं देगी।
मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू में उछाल
कंपनी ने FY26 में शानदार वापसी की है। पिछले साल के ₹555.91 करोड़ के मुकाबले इस बार रेवेन्यू ₹670.70 करोड़ रहा। वहीं, पिछले साल ₹7.36 करोड़ का घाटा झेलने वाली कंपनी ने इस बार ₹7.98 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाकर निवेशकों को राहत दी है। कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग मार्जिन भी पिछले साल के 1.53% से बढ़कर 4.32% पर पहुंच गया है।
डिविडेंड न देने के पीछे की वजह
निवेशक भले ही डिविडेंड की उम्मीद कर रहे हों, लेकिन बोर्ड ने इस बार कोई डिविडेंड घोषित न करने का फैसला किया है। मैनेजमेंट का तर्क है कि फिलहाल कंपनी का ध्यान कैश फ्लो को अपनी कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में निवेश करने पर है।
गवर्नेंस और चुनौतियां
कंपनी ने बोर्ड कंपोजिशन से जुड़े छोटे रेगुलेटरी मामलों और डिस्क्लोजर में देरी की दिक्कतों को सुलझा लिया है और जुर्माना भी भर दिया है। ऑडिटर्स ने कंपनी को क्लीन रिपोर्ट दी है। हालांकि, रॉ मटेरियल (खासकर टिम्बर) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एनर्जी कॉस्ट बढ़ना कंपनी के मार्जिन के लिए अभी भी एक चुनौती बना हुआ है।
प्रमोटर रीस्ट्रक्चरिंग
कंपनी के भीतर प्रमोटर ग्रुप ने आपस में शेयर ट्रांसफर किए हैं, लेकिन इससे प्रमोटर की कुल हिस्सेदारी या मैनेजमेंट कंट्रोल में कोई बदलाव नहीं आया है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी देश भर में अपने डिस्ट्रीब्यूशन को कैसे बढ़ाती है और लागत को कैसे मैनेज करती है।
