Apollo Techno Industries के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौती भरा रहा है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट **53%** गिरकर **₹5.32 करोड़** पर आ गया है, जबकि कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ के लिए इस साल डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
मुनाफे में बड़ी सेंध
कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4.52% बढ़कर ₹103.63 करोड़ रहा, लेकिन कुल खर्चों में 17.01% की भारी बढ़ोतरी के कारण नेट प्रॉफिट 52.82% की गिरावट के साथ ₹5.32 करोड़ पर सिमट गया। वहीं, कंसोलिडेटेड लेवल पर कंपनी ने ₹11.04 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
बोर्ड ने इस बार निवेशकों को डिविडेंड न देने का फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि वे इस पूंजी का इस्तेमाल बिजनेस विस्तार (Business Expansion) में करेंगे। दिसंबर 2025 में BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने के बाद, कंपनी पर बेहतर फाइनेंशियल अनुशासन बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है।
चुनौतियां और नेतृत्व में बदलाव
ग्रोथ के प्रयासों के बीच कंपनी में मैनेजमेंट लेवल पर हलचल मची है। कंपनी के CFO मौलीकुमार रमेशभाई भट्ट ने 31 अगस्त 2026 को इस्तीफा दे दिया है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इसके अलावा, कंपनी को 2020-21 और 2022-23 के लिए GST से जुड़ी टैक्स अपील्स का भी सामना करना पड़ रहा है।
