Apar Industries ने FY26 में दर्ज किया रिकॉर्ड रेवेन्यू!
Apar Industries ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे वित्तीय वर्ष के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का समेकित रेवेन्यू (Consolidated Revenue) Q4 FY26 में 26.7% बढ़कर ₹6,603 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹5,210 करोड़ था। पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, रेवेन्यू 23.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹22,902 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि FY25 में यह ₹18,581 करोड़ था।
EBITDA में भी उछाल
Q4 FY26 में EBITDA 19.3% बढ़कर ₹584 करोड़ हो गया। वहीं, पूरे साल (12M FY26) के EBITDA में 23.0% का इजाफा देखा गया और यह ₹2,067 करोड़ रहा।
PAT पर एक-बार के खर्चों का असर
हालांकि, कंपनी के नेट प्रॉफिट (PAT) पर कुछ एक-बार के ऑपरेशनल और अकाउंटिंग एडजस्टमेंट का असर पड़ा। Q4 FY26 में PAT में मामूली 1.4% की बढ़ोतरी के साथ ₹254 करोड़ दर्ज किया गया। पूरे साल (12M FY26) के लिए PAT 19.0% बढ़कर ₹977 करोड़ रहा।
क्यों यह मायने रखता है?
यह रिकॉर्ड रेवेन्यू कंपनी की लगातार बढ़ती मांग और खासकर अमेरिका में अपने कारोबार को सफलतापूर्वक बढ़ाने का संकेत देता है। कंडक्टर और केबल डिवीजनों में मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य के रेवेन्यू की अच्छी झलक दे रही है, जो कमाई में स्थिरता प्रदान करती है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि कंपनी इन ऑर्डर्स को मुनाफे में कैसे बदल पाती है, खासकर तिमाही नतीजों पर एक-बार के खर्चों के प्रभाव को देखते हुए।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Apar Industries कंडक्टर, केबल, स्पेशियलिटी ऑयल और पावर ट्रांसमिशन/डिस्ट्रीब्यूशन उपकरणों की एक प्रमुख निर्माता है। कंपनी घरेलू व्यवसाय के विस्तार और अमेरिका में अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालिया वित्तीय प्रदर्शन इन रणनीतिक पहलों को दर्शाता है, जिसमें प्रमुख सेगमेंट्स में वृद्धि देखी गई है।
आगे क्या?
मजबूत ऑर्डर बुक के साथ, अब ध्यान ऑपरेशनल एक्जीक्यूशन और डिलीवरी पर होगा। कंपनी को मुनाफे को सुनिश्चित करने के लिए इनपुट लागत और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का प्रबंधन करना होगा, खासकर जब वह एक-बार के खर्चों के प्रभाव से निपट रही हो। निवेशक स्पेशियलिटी ऑयल और लुब्रिकेंट डिवीजन के प्रदर्शन पर भी नज़र रखेंगे, जिसमें Q4 में अन्य सेगमेंट्स की तुलना में धीमी वॉल्यूम ग्रोथ देखी गई।
जोखिम के बिंदु
मुख्य चिंता एक-बार के ऑपरेशनल और अकाउंटिंग एडजस्टमेंट में निहित है, जिसने Q4 PAT को प्रभावित किया। इनमें अतिरिक्त वेज कोड प्रभाव, ECB लोन पर मार्क-टू-मार्केट (MTM) घाटा और एक पुराने कानूनी मामले के लिए प्रोविजन शामिल हैं। इन आइटम्स ने प्रॉफिटेबिलिटी को दबाया और किसी भी पुनरावृत्ति के लिए इन पर बारीकी से नज़र रखने की आवश्यकता होगी। इसके अतिरिक्त, स्पेशियलिटी ऑयल और लुब्रिकेंट सेगमेंट में धीमी वृद्धि भी ध्यान देने योग्य है।
ट्रैक करने योग्य मुख्य बिंदु
- Q4 FY26 रेवेन्यू: ₹6,603 करोड़ (26.7% YoY की बढ़ोतरी)
- 12M FY26 रेवेन्यू: ₹22,902 करोड़ (23.3% YoY की बढ़ोतरी)
- Q4 FY26 PAT: ₹254 करोड़
- 12M FY26 PAT: ₹977 करोड़
- कंडक्टर ऑर्डर बुक: ₹7,671 करोड़
- केबल ऑर्डर बुक: ₹1,800 करोड़
निवेशकों को ₹7,671 करोड़ की कंडक्टर और ₹1,800 करोड़ की केबल ऑर्डर बुक को रेवेन्यू और प्रॉफिट में बदलने की गति पर नज़र रखनी चाहिए। भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर एक-बार के खर्चों के प्रभाव और स्पेशियलिटी ऑयल और लुब्रिकेंट डिवीजन के प्रदर्शन पर भी नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
