Antony Waste के निवेशकों को झटका! पहली तिमाही में Profit **97%** गिरा, रेवेन्यू बढ़ा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Antony Waste के निवेशकों को झटका! पहली तिमाही में Profit **97%** गिरा, रेवेन्यू बढ़ा

Antony Waste Handling Cell ने Q1FY27 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **97%** घटकर सिर्फ **₹0.75 करोड़** रह गया है। हालांकि, रेवेन्यू **₹260.99 करोड़** तक पहुंच गया। कंपनी के पिंपरी चिंचवड़ प्लांट में भारी बारिश के कारण आई एक 'फोर्स मेजर' घटना ने संचालन और नतीजों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

Antony Waste Q1FY27 नतीजे: प्लांट में आई दिक्कत से Profit में 97% की भारी गिरावट

नेट प्रॉफिट: ₹0.75 करोड़ | ऑपरेशंस से रेवेन्यू: ₹260.99 करोड़

पाठकों के लिए खास: रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन प्लांट को हुए नुकसान से प्रॉफिट बुरी तरह प्रभावित; बकाया पैसे और टैक्स के मुद्दे अभी भी बने हुए हैं।

क्या हुआ?

Antony Waste Handling Cell Ltd ने FY27 की पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) के अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के ₹247.34 करोड़ से बढ़कर ₹260.99 करोड़ हो गया। लेकिन, कंपनी का नेट प्रॉफिट बुरी तरह गिर गया, जो पिछले साल की Q1FY26 के ₹22.96 करोड़ की तुलना में 97% घटकर केवल ₹0.75 करोड़ रह गया।

यह क्यों मायने रखता है?

मुनाफे में आई यह भारी गिरावट मुख्य रूप से पुणे के पिंपरी चिंचवड़ में कंपनी के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में आई 'फोर्स मेजर' घटना के कारण हुई है। 8 जुलाई 2026 को हुई भारी बारिश से लैंडफिल ढह गया, जिससे एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा। हालांकि, मुख्य प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई असर नहीं पड़ा और 28 जुलाई तक कंपोस्टिंग ऑपरेशंस फिर से शुरू हो गए। इस घटना के कारण एसेट डैमेज और कंपनसेशन के रूप में भारी वित्तीय लागत आएगी, जिसका हिसाब सितंबर 2026 तिमाही में दर्ज किया जाएगा।

बैकस्टोरी

Antony Waste Handling Cell भारत में इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सर्विसेज की एक प्रमुख कंपनी है। कंपनी को अतीत में भी ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें कंजुरमार्ग लैंडफिल का मामला भी शामिल है, जहां सुप्रीम कोर्ट के स्टे ने यथास्थिति बनाए रखी है और कंपनी के अधिकारों को सुरक्षित रखा है। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने ट्रेड रिसीवेबल्स (बकाया पैसे) को लेकर चिंताएं जताई हैं और कंपनी अक्टूबर 2021 में हुई इनकम टैक्स की छापों से जुड़े टैक्स लिटिगेशन में भी फंसी हुई है।

अब क्या बदलेगा?

निवेशकों को पिंपरी चिंचवड़ प्लांट में आई घटना के पूरे वित्तीय प्रभाव को समझने के लिए सितंबर 2026 तिमाही के नतीजों का इंतजार करना होगा। कंपनी इस घटना के प्रभाव को प्रबंधित करने और सामान्य ऑपरेशंस को फिर से शुरू करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। कंजुरमार्ग लैंडफिल में यथास्थिति बनी हुई है और कंपनी के अधिकार सुरक्षित हैं।

जिन जोखिमों पर नजर रखनी है

मुख्य जोखिमों में एक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से ₹19.47 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स की वसूली शामिल है, हालांकि मैनेजमेंट को भुगतान का भरोसा है। अक्टूबर 2021 में इनकम टैक्स छापों के बाद चल रहा टैक्स लिटिगेशन भी एक वित्तीय जोखिम पैदा करता है, जिसके लिए विभिन्न असेसमेंट वर्षों के लिए डिमांड ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं।

आगे क्या देखना है?

निवेशकों को आगामी तिमाही नतीजों में पिंपरी चिंचवड़ प्लांट की घटना के वित्तीय प्रभाव पर करीब से नजर रखनी चाहिए। ट्रेड रिसीवेबल्स की रिकवरी और टैक्स लिटिगेशन के नतीजों की प्रगति कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.