Antony Waste Handling Cell के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे निराशाजनक रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹23 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹0.7 करोड़ रह गया। हालांकि, इसी बीच कंपनी ने ग्रेटर नोएडा से ₹243 करोड़ का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
Antony Waste की पहली तिमाही के नतीजे
Antony Waste Handling Cell Ltd ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के प्रॉफिट (Profit) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि में ₹23 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) कमाने वाली इस कंपनी का मुनाफा इस बार घटकर सिर्फ ₹0.7 करोड़ रह गया है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की तुलना में 6% बढ़कर ₹269 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी का EBITDA भी 27% गिरकर ₹45 करोड़ रहा, जिससे मार्जिन घटकर 16.8% पर आ गया।
क्यों गिरी मुनाफा?
मुनाफे में इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह एकमुश्त खर्चे (one-time expenses) रहे। कंपनी ने एक टर्म लोन (term loan) को रीफाइनेंस करने के लिए ₹7 करोड़ का प्रीपेमेंट चार्ज (prepayment charge) दिया। साथ ही, करीब ₹10 करोड़ का डेफर्ड कॉस्ट (deferred cost) भी कंपनी के नतीजों पर भारी पड़ा। इसके अलावा, ऑपरेटिंग खर्चों (operating expenses) में बढ़ोतरी, कर्मचारी लागत (employee costs) में इजाफा और पीसीएमसी (PCMC) वेस्ट-टू-एनर्जी (WtE) प्लांट में हुए एक लैंडस्लाइड (landslide) के कारण प्लांट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे भी कंपनी को वित्तीय नुकसान हुआ।
पीसीएमसी प्लांट में क्या हुआ?
8 जुलाई 2026 को पीसीएमसी WtE फैसिलिटी में लैंडस्लाइड की घटना के बाद WtE ऑपरेशंस को तुरंत रोक दिया गया था। कंपनी को उम्मीद है कि अक्टूबर की शुरुआत तक यह दोबारा शुरू हो जाएगा। इस घटना के कारण कंपनी को दूसरी तिमाही (Q2) में ₹22-24 करोड़ का इंपेयरमेंट चार्ज (impairment charge) झेलना पड़ सकता है, हालांकि बीमा क्लेम (insurance claims) से इसकी भरपाई की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी ने CIDCO प्लांट में व्हीकल हायरिंग और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट में भी बढ़ोतरी देखी है।
भविष्य के लिए क्या है?
इस निराशाजनक नतीजे के बीच, Antony Waste के लिए एक अच्छी खबर भी है। कंपनी ने ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Greater Noida Industrial Development Authority) के साथ 5 साल का एक नया कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है, जिसकी वैल्यू ₹243 करोड़ है। यह कॉन्ट्रैक्ट मैकेनिकल रोड स्वीपिंग (mechanical road sweeping) के लिए है और Q3 FY27 से शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी ने अपने लारा रिन्यूएबल एनर्जी (Lara Renewable Energy) लोन को भी रीफाइनेंस किया है, जिससे इंटरेस्ट रेट 10.25% से घटकर 8.25% हो गया है, जिससे कंपनी को लगातार बचत होगी। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि जैसे-जैसे एकमुश्त खर्चे कम होंगे और नए कॉन्ट्रैक्ट्स का फायदा मिलेगा, अगले कुछ तिमाहियों में मार्जिन में सुधार होगा।
निवेशकों के लिए रिस्क
आगे चलकर निवेशकों की निगाह पीसीएमसी WtE प्लांट के फिर से शुरू होने की समय-सीमा और Q2 नतीजों पर आने वाले ₹22-24 करोड़ के इंपेयरमेंट चार्ज के असल असर पर रहेगी। कंपनी के लिए ऑपरेटिंग खर्चों को काबू में रखना और कर्मचारी लागत को नियंत्रित करना प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी होगा।
