Andrew Yule & Company का प्रदर्शन इस फाइनेंशियल ईयर में बेहद कमजोर रहा है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹31.09 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू घटकर **₹292.88 करोड़** पर आ गया है। इसके अलावा, कंपनी के CMD अनंत मोहन सिंह को हटाने का प्रस्ताव भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बिगड़ते वित्तीय हालात
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जो उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। पिछले साल ₹25.53 करोड़ का नुकसान अब बढ़कर ₹31.09 करोड़ हो गया है। कैश रिजर्व की कमी के चलते कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
नेतृत्व पर संकट
वित्तीय मोर्चे के साथ-साथ कंपनी मैनेजमेंट में भी हलचल है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) अनंत मोहन सिंह को उनके पद से हटाने के लिए एक शेयरहोल्डर ने प्रस्ताव रखा है। बोर्ड ने इसे अपनी 78वीं AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) के एजेंडे में शामिल किया है, जो कंपनी के अंदरूनी तनाव को दर्शाता है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
कंपनी की मुश्किलें सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं हैं। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी और बोर्ड कमिटी के सही गठन न होने के कारण BSE ने कंपनी पर ₹27.17 लाख की पेनाल्टी लगाई है। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने 'Yule Engineering' और 'Yule Electrical' जैसी सब्सिडियरीज की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
सेगमेंट्स का हाल
- टी डिवीजन: खराब मौसम और कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण रेवेन्यू गिरकर ₹132.71 करोड़ रह गया।
- इंजीनियरिंग डिवीजन: यहाँ भी गिरावट दर्ज की गई और रेवेन्यू ₹54.80 करोड़ रहा।
- इलेक्ट्रिकल डिवीजन: रेवेन्यू के मामले में यह इकलौता सेगमेंट रहा जिसने बढ़त दिखाई और ₹106.39 करोड़ का कारोबार किया, लेकिन प्रोविजनिंग के चलते यहाँ भी लॉस हुआ।
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजरें कंपनी की AGM पर टिकी होंगी, क्योंकि मैनेजमेंट में कोई भी बड़ा बदलाव भविष्य की रणनीति को पूरी तरह बदल सकता है।
