Andhra Paper Limited की कड़ियाम यूनिट में अब **93%** ऑपरेशनल कैपेसिटी हासिल कर ली गई है। यह दूसरा पेपर मशीन फिर से चालू होने के बाद हुआ है, जो पहले की दिक्कतों से एक बड़ी रिकवरी को दर्शाता है।
Detailed Coverage
कड़ियाम यूनिट में प्रोडक्शन का पटरी पर लौटना
Andhra Paper Limited ने घोषणा की है कि उनकी कड़ियाम यूनिट अब 93% की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी पर काम कर रही है। यह सफलता हाल ही में दूसरे पेपर मशीन के फिर से चालू होने के बाद मिली है। इससे पहले, यह यूनिट लगभग 70% क्षमता पर चल रही थी।
यह खबर क्यों मायने रखती है?
ऑपरेशनल कैपेसिटी में यह बढ़ोतरी Andhra Paper के लिए अपनी सप्लाई चेन और रेवेन्यू को सामान्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्रोडक्शन में आई दिक्कतों के बाद प्रोडक्शन लेवल्स के लगभग सामान्य होने का संकेत देता है।
दूसरे पेपर मशीन को फिर से चालू किया गया है, जिसकी क्षमता 55 MT प्रति दिन है। इसके जुड़ने से कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी 93% हो गई है। पहले पेपर मशीन की क्षमता 150 MT प्रति दिन है।
पूरी कहानी क्या है?
कड़ियाम यूनिट में पहले प्रोडक्शन की समस्या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की मांगों और उनके कांट्रैक्ट की शर्तों को लेकर थी। कंपनी का कहना है कि प्रोडक्शन रुकने के दौरान प्लांट की किसी भी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ था।
अब क्या बदलेगा?
93% कैपेसिटी पर ऑपरेशन के साथ, Andhra Paper से उम्मीद है कि वे अपने प्रोडक्शन और सेल्स में काफी बढ़ोतरी करेंगे। कंपनी पूरी तरह से मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को स्थिर करने और बहाल करने के लिए कदम उठा रही है।
आगे क्या जोखिम हैं?
हालांकि प्रोडक्शन में सुधार हो रहा है, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ जो लेबर इश्यूज थे, उन्हें लंबी अवधि की ऑपरेशनल स्थिरता सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी तरह की बाधा को रोकने के लिए पूरी तरह से हल करने की आवश्यकता है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को 100% ऑपरेशनल कैपेसिटी हासिल करने और कड़ियाम यूनिट में लेबर से जुड़े मुद्दों के स्थायी समाधान के बारे में कंपनी की अगली घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।
