Andhra Cements ने Q2 फाइनेंशियल ईयर 2027 के नतीजों में रेवेन्यू में **113%** की शानदार उछाल दर्ज की है। कंपनी का घाटा कम होकर **₹28.35 करोड़** रह गया है, साथ ही बोर्ड ने Sagar Cements के साथ विलय (Merger) की मंजूरी दे दी है।
मुनाफे की राह और बेहतर ऑपरेशनल परफॉरमेंस
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के जो नतीजे पेश किए हैं, उनमें ऑपरेशंस का दायरा बढ़ता दिख रहा है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 113.2% बढ़कर ₹165.98 करोड़ पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹77.85 करोड़ था। हालांकि कंपनी अभी भी नुकसान में है, लेकिन यह पिछले साल के ₹41.92 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹28.35 करोड़ रह गया है। नतीजों में मामूली राहत के तौर पर ₹1.18 करोड़ का प्रोविजन रिवर्सल भी शामिल रहा।
बड़ा फैसला: Sagar Cements के साथ विलय
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा अपडेट बोर्ड द्वारा लिया गया 'Scheme of Amalgamation' का फैसला है। Andhra Cements अब अपनी पैरेंट कंपनी Sagar Cements में पूरी तरह मर्ज हो जाएगी। इस विलय की प्रभावी तारीख 1 अप्रैल, 2026 तय की गई है। इस कदम का उद्देश्य ऑपरेशनल तालमेल बिठाना और ग्रुप स्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत बनाना है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
ऑपरेशनल सुधार के बावजूद कंपनी लिक्विडिटी और इक्विटी दबाव से जूझ रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विलय के लिए अभी NCLT, SEBI और लेनदारों की मंजूरी मिलना बाकी है। नियामक प्रक्रिया में देरी या कोई भी अड़चन स्टॉक की चाल में अनिश्चितता पैदा कर सकती है।
आगे क्या देखें?
कंपनी के बैलेंस शीट के अनुसार, कुल एसेट ₹1,499.96 करोड़ हैं, जबकि इक्विटी घटकर ₹16.50 करोड़ रह गई है। हाल ही में पैरेंट कंपनी ने अपनी हिस्सेदारी 90% से घटाकर 75% कर दी थी ताकि नियमों का पालन किया जा सके। अब निवेशकों की नजरें NCLT की फाइलिंग और विलय से जुड़ी अपडेट्स पर टिकी होंगी।
