IPO से लिस्टिंग के बाद Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) Ltd ने पहली तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 55% बढ़ा और नेट प्रॉफिट दोगुना से भी ज्यादा हो गया। IPO से जुटाई गई रकम का ज्यादातर हिस्सा वर्किंग कैपिटल में लगाया गया है।
IPO के बाद 'दमदार' पहली कमाई!
Amir Chand Jagdish Kumar (Exports) Ltd के लिए यह तिमाही बेहद खास रही। कंपनी ने IPO के बाद अपने पहले नतीजों में सबको चौंका दिया। जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू शानदार 55.12% बढ़कर ₹663.73 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹427.95 करोड़ था।
मुनाफा दोगुना से ज्यादा!
रेवेन्यू में बंपर ग्रोथ के साथ ही कंपनी के मुनाफे में भी जोरदार उछाल देखने को मिला। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 127.51% बढ़कर ₹36.63 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा ₹16.10 करोड़ था।
IPO फंड का क्या हुआ?
अप्रैल 2026 में IPO के जरिए ₹411.11 करोड़ जुटाने वाली इस कंपनी ने अब तक ₹409.29 करोड़ खर्च कर दिए हैं। इसमें से ₹398.18 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए और ₹11.11 करोड़ जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। सिर्फ ₹1.82 करोड़ ही बचे हैं।
नई सब्सिडियरी और लेबर लॉ का असर
कंपनी ने 15 मई 2026 को सिंगापुर में अपनी 100% सब्सिडियरी 'Aeroplane FMCG Pte. Ltd.' का रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि, 30 जून 2026 तक इस सब्सिडियरी ने कोई कामकाज शुरू नहीं किया था और न ही कोई ट्रांजैक्शन रिपोर्ट किया था। यह कंपनी के इंटरनेशनल विस्तार की ओर इशारा कर रहा है।
इसके अलावा, कंपनी ने नए लेबर कोड (जो 21 नवंबर 2025 से लागू हुए) का भी आकलन किया है। मैनेजमेंट के मुताबिक, ग्रेच्युटी देनदारियों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है, लेकिन वे कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स पर पड़ने वाले प्रभावों पर नजर बनाए हुए हैं।
