Amic Forging ने FY26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **16.86%** बढ़कर **₹141.78 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट **20.47%** घटकर **₹28.28 करोड़** पर आ गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के सालाना नतीजों के मुताबिक, पिछले साल के ₹121.32 करोड़ के मुकाबले इस बार रेवेन्यू में उछाल देखने को मिला है। हालांकि, मुनाफे पर दबाव साफ दिख रहा है। प्रॉफिट बिफोर टैक्स 12.55% गिरकर ₹39.73 करोड़ रह गया है। बोर्ड ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड की घोषणा नहीं की है, क्योंकि कंपनी का पूरा ध्यान बिजनेस को बढ़ाने और री-इन्वेस्टमेंट पर है।
मैनेजमेंट और सैलरी पर बड़ा फैसला
कंपनी ने अपने मैनेजमेंट के वेतन में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। मैनेजिंग डायरेक्टर जी. एल. चमारिया और होल-टाइम डायरेक्टर अंशुल चमारिया की सैलरी ₹5 लाख प्रति माह से बढ़ाकर ₹15 लाख करने की तैयारी है। फिलहाल, कंपनी में CFO की कुर्सी खाली है और तलाश जारी है, क्योंकि अंशुल चमारिया के बाद प्रियंकर घोष ने भी इस्तीफा दे दिया था।
फंड जुटाने की कवायद
वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी ने ₹49.99 करोड़ जुटाने के लिए 65,000 वारंट और 2,60,425 शेयर ₹1,536 के भाव पर जारी किए थे। इसके अलावा, 5 जून 2026 को शेयरहोल्डर्स ने और भी नए वारंट्स और इक्विटी शेयरों को मंजूरी दी है।
जोखिम और चुनौतियां
कच्चे माल और स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। साथ ही एनर्जी कॉस्ट भी बढ़ा है। कंपनी अब टेक्नोलॉजी और बैकवर्ड इंटीग्रेशन के जरिए अपनी लागत को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। निवेशकों के लिए कंपनी में चल रहे मैनेजमेंट बदलाव और प्रमोटर्स की बढ़ती सैलरी पर नजर रखना जरूरी है।
