Ambika Cotton Mills ने दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले **34%** बढ़कर **₹257.92 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **61%** की छलांग लगाकर **₹25.70 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने अपनी यूनिट IV के आधुनिकीकरण के लिए **₹135 करोड़** के निवेश की भी घोषणा की है।
Ambika Cotton Mills के तिमाही नतीजे
Ambika Cotton Mills ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (जो जून 2026 में समाप्त हुई) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू ₹257.92 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की पहली तिमाही के ₹191.98 करोड़ की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है। वहीं, टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) भी ₹15.92 करोड़ से बढ़कर ₹25.70 करोड़ हो गया है। इस तिमाही में कंपनी का प्रति शेयर आय (EPS) ₹44.89 रहा।
नतीजों का महत्व
ये नतीजे Ambika Cotton Mills के लिए एक मजबूत ग्रोथ की कहानी बयां करते हैं। टॉप-लाइन रेवेन्यू और बॉटम-लाइन प्रॉफिट, दोनों में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है। यूनिट IV का आधुनिकीकरण प्लान कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और क्षमता बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पिछली तिमाही की तुलना
पिछली तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी ने ₹215.16 करोड़ का रेवेन्यू और ₹24.53 करोड़ का PAT दर्ज किया था। पिछली तिमाही के मुकाबले, Q1 FY27 में ग्रोथ की रफ्तार साफ तौर पर बढ़ी है।
आगे की रणनीति: यूनिट IV का आधुनिकीकरण
कंपनी ने अपनी यूनिट IV को मॉडर्न बनाने के लिए ₹135 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान का खुलासा किया है। इसमें नई, अत्याधुनिक मशीनरी लगाई जाएगी, जिससे स्पिनिंग क्षमता 43,000 से बढ़कर 45,000 स्पिंडल हो जाएगी। इस विस्तार से प्रोडक्शन और क्वालिटी दोनों में सुधार की उम्मीद है। यह पूरा Capex कंपनी अपने इंटरनल फंड से ही करेगी।
सप्लाई चेन पर संकट का असर
फिलहाल, Ambika Cotton Mills को वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन में अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी से आने वाले जरूरी मशीनरी की शिपमेंट में देरी हुई है, जिससे 6,480 स्पिंडल्स को चालू करने का काम रुक गया है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह मशीनरी सितंबर 2026 की शुरुआत तक आ जाएगी।
आगे क्या देखें
निवेशक अब देरी से आ रहे उपकरणों और नए स्पिंडल्स के चालू होने पर बारीकी से नजर रखेंगे। यूनिट IV के आधुनिकीकरण की सफल शुरुआत और इसका प्रोडक्शन व प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ने वाला असर अहम रहेगा।
