Amber Enterprises India ने FY'26 में दर्ज की दमदार परफॉर्मेंस
Amber Enterprises India ने मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 22% बढ़कर ₹12,186 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही, कंपनी के ऑपरेटिंग EBITDA में भी 22% का इजाफा हुआ और यह ₹970 करोड़ रहा। एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 22% बढ़कर ₹338 करोड़ दर्ज किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन बनी ग्रोथ की वजह
कंपनी की ग्रोथ में इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन का बड़ा योगदान रहा। इस डिविजन के रेवेन्यू में 49% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹3,268 करोड़ तक पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह PCBA और बेयर PCB बिजनेस में हुई बढ़ोतरी है। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल डिविजन में 14% की बढ़त के साथ रेवेन्यू ₹8,383 करोड़ रहा, जबकि रेलवे सिस्टम्स और डिफेंस डिविजन 19% बढ़कर ₹535 करोड़ पर पहुंच गया।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
Amber Enterprises ने FY'27 के लिए उम्मीद भरा आउटलुक पेश किया है। कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन से करीब 40% और रेलवे डिविजन से 30% से 35% तक की रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है। विस्तार योजनाओं में एक नई HDI PCB मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी और Unitronics में हिस्सेदारी बढ़ाना शामिल है। FY'27 के लिए ₹1,800-2,000 करोड़ का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की योजना है।
मार्जिन पर दबाव और जोखिम
सकारात्मक ग्रोथ के बावजूद, कंपनी को कंसोलिडेटेड लेवल पर 50 से 100 बेसिस पॉइंट्स के अस्थायी मार्जिन दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इसका कारण कमोडिटी की बढ़ती कीमतें, करेंसी में उतार-चढ़ाव और वेतन वृद्धि है। मुख्य जोखिमों में इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन का असर, रेगुलेटरी अप्रूवल में देरी और रेलवे ऑर्डर के लिए RDSO जैसे जरूरी अप्रूवल की आवश्यकता शामिल है। कंपनी ने यह भी बताया कि नेट वर्किंग कैपिटल डेज बढ़कर 29 हो गए हैं, जो पहले 9 थे, जिसका मुख्य कारण इन्वेंटरी का बढ़ना है।
वित्तीय स्थिति
मार्च 2026 तक, कंपनी का नेट डेट ₹511 करोड़ था, जो मार्च 2025 में ₹780 करोड़ था। हालांकि, नियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर के कारण FY'27 में नेट डेट बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी ने FY'26 के लिए ₹78 करोड़ का अनुमानित PLI इंसेंटिव भी प्राप्त किया है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
निवेशक कंपनी की विस्तार पहलों, खासकर Ascent-K Circuits फैसिलिटी के निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे। लागत वृद्धि को मैनेज करने और ग्राहकों पर बढ़ी हुई कीमतें डालने की कंपनी की क्षमता प्रॉफिट बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगी। भविष्य के Capex का उपयोग और इसका डेट लेवल पर असर भी ट्रैक करने योग्य प्रमुख कारक होंगे।
