Amalgamated Electricity Company ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए नॉन-प्रमोटर्स को **130 करोड़** शेयर जारी कर **₹650 करोड़** जुटाने का ऐलान किया है। कंपनी अब AI, IT इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर में कदम रखेगी।
बड़ा बदलाव और फंड जुटाने की तैयारी
कंपनी ने ₹5 प्रति शेयर के भाव पर 130 करोड़ शेयर जारी करके कुल ₹650 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है। यह फंड मुख्य रूप से Almontroz Trust Fund और Uni Growth Fund जैसे निवेशकों से आएगा। इस बदलाव के तहत कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव कर रही है ताकि वह बिजली क्षेत्र से बाहर निकलकर डिजिटल और कंज्यूमर-केंद्रित मार्केट में प्रवेश कर सके।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ा शिफ्ट है। ट्रेडिशनल यूटिलिटी बिजनेस से हटकर कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), IT इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रिक व्हीकल डिस्ट्रीब्यूशन जैसे हाई-ग्रोथ वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी का मानना है कि यह ₹650 करोड़ का फंड इन नए वर्टिकल्स को खड़ा करने के लिए जरूरी लिक्विडिटी प्रदान करेगा।
मैनेजमेंट में बदलाव और जोखिम
1 अक्टूबर 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग के साथ ही कंपनी ने CFO मंगेश नारायण शिरोडकर के इस्तीफे की पुष्टि की है। इस बड़े बदलाव के बीच फाइनेंस हेड का जाना निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय हो सकता है।
आगे क्या होगा?
अब शेयरधारकों को पोस्टल बैलेट के जरिए इन बदलावों और शेयर जारी करने की प्रक्रिया को मंजूरी देनी होगी। इसकी पूरी प्रक्रिया की निगरानी अनुश्री केशव करेंगी और रिमोट ई-वोटिंग 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगी। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि मैनेजमेंट अलग-अलग सेक्टरों के इस विस्तार को कैसे एग्जीक्यूट करता है।
