Alphalogic Industries ने छमाही नतीजों में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹3.54 करोड़** हो गया है, जबकि कंपनी अब Alphalogic Techsys Limited की सब्सिडियरी नहीं रही।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Alphalogic Industries ने वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1 FY27) के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹2.57 करोड़ से बढ़कर ₹3.54 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹24.91 करोड़ से बढ़कर ₹28.97 करोड़ दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स ₹4.69 करोड़ रहा और EPS बढ़कर ₹3.48 हो गया है।
ऑर्गेनाइजेशनल और मैनेजमेंट बदलाव
कंपनी के ढांचे में एक बड़ा तकनीकी बदलाव आया है। प्रमोटर Alphalogic Techsys Limited की हिस्सेदारी 51.18% से घटकर 49.57% हो गई है, जिसके चलते यह अब आधिकारिक तौर पर सब्सिडियरी नहीं रही। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि मैनेजमेंट कंट्रोल अभी भी प्रमोटर्स के पास ही है। इसके साथ ही, Vivaro Enterprises Limited के वारंट कन्वर्जन के जरिए 3,30,000 नए शेयर जारी किए गए हैं, जिससे कंपनी में ₹69.30 लाख की पूंजी आई है।
लीडरशिप में बदलाव
गवर्नेंस के मोर्चे पर, कंपनी ने कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर के पद पर बदलाव किया है। Ms. Aayushi Khandelwal के इस्तीफे के बाद Ms. Debashree Das को नया कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है, जो 27 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी हो गया है।
