Alkosign Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी को **₹5.16 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹3.77 करोड़** के मुनाफे में थी। बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण कंपनी ने अपने लगेज बिजनेस को बंद कर दिया है, जो इसके कुल टर्नओवर का करीब **33%** था।
मुनाफे से नुकसान का सफर
Alkosign के लिए यह फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹51.84 करोड़ से घटकर इस बार ₹40.55 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह लगेज डिवीजन का खराब प्रदर्शन रहा है।
लगेज बिजनेस बंद करने की वजह
कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि लगेज सेक्टर में कम कीमत वाले पॉलीप्रोपाइलीन (polypropylene) प्रोडक्ट्स के कारण कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ गया था, जिससे मार्जिन निकालना मुश्किल हो रहा था। 33.68% टर्नओवर वाला यह डिवीजन कंपनी के लिए बोझ बन गया था, जिसे अब बंद कर दिया गया है। अब कंपनी का पूरा ध्यान अपने पुराने और कोर 'बोर्ड बिजनेस' (Board Business) पर होगा।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
अगले 29 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी कुछ बड़े फैसलों पर मुहर लगाने जा रही है:
- समीर नरेंद्र शाह का मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में 5 साल का कार्यकाल बढ़ाया जा रहा है।
- श्रेणिक कमलेश शाह को भी होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर अगले 5 साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए रिस्क और आगे की राह
अब चुनौती यह है कि कम रेवेन्यू बेस के साथ कंपनी अपने फिक्स्ड खर्चों को कैसे मैनेज करती है। साथ ही, ₹15 करोड़ तक के ट्रांजैक्शन 'M/s Senate Office System' के साथ होने वाले हैं, जिस पर शेयरधारकों की नजरें टिकी होंगी। निवेशकों को अब कंपनी के 'बोर्ड डिवीजन' की परफॉर्मेंस पर कड़ी नजर रखनी होगी, ताकि यह पता चल सके कि बिजनेस टर्नअराउंड सही दिशा में जा रहा है या नहीं।
