Alicon Castalloy की बंपर कमाई! पहली तिमाही में सेल्स **37%** बढ़कर **₹579 करोड़** हुई, ऑर्डर बुक **₹8,450 करोड़** की

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Alicon Castalloy की बंपर कमाई! पहली तिमाही में सेल्स **37%** बढ़कर **₹579 करोड़** हुई, ऑर्डर बुक **₹8,450 करोड़** की

Alicon Castalloy ने दमदार नतीजों के साथ नए फाइनेंशियल ईयर (FY27) की शुरुआत की है। कंपनी की पहली तिमाही की कुल आय **37%** बढ़कर **₹579 करोड़** पर पहुंच गई, जो अब तक का सबसे बड़ा सेल्स माइलस्टोन है। कंपनी की **₹8,450 करोड़** की मजबूत ऑर्डर बुक और आगामी क्षमता विस्तार भविष्य में और ग्रोथ के संकेत दे रहे हैं।

Alicon Castalloy ने FY27 की धमाकेदार शुरुआत की

Alicon Castalloy Limited ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹579 करोड़ की कुल आय दर्ज की है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 37% अधिक है और पिछली तिमाही से 17% की बढ़त दर्शाता है। यह पहली बार है जब कंपनी की तिमाही बिक्री ₹500 करोड़ के आंकड़े को पार करने में सफल रही है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

राजस्व में हुई यह जबरदस्त बढ़ोतरी, कंसोलिडेटेड वॉल्यूम में 17.5% की वृद्धि का नतीजा है, जो कंपनी के कारोबार में स्वस्थ विस्तार को दर्शाता है। कंपनी के पास लगभग ₹8,450 करोड़ की एक बड़ी एक्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक है, जो अगले छह वर्षों तक फैली हुई है। यह मध्यम अवधि के लिए कंपनी की मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी सुनिश्चित करती है।

कंपनी की रणनीति और भविष्य की योजनाएं

Alicon Castalloy 'रीसेट, रीफोकस, रीबिल्ड' रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी दो-पहिया वाहन सेगमेंट में कमोडिटी वाले उत्पादों से हटकर हाई-वैल्यू कंपोनेंट्स की ओर बढ़ रही है और नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर में भी विस्तार कर रही है।

आगे क्या होगा?

कंपनी ₹125 करोड़ का निवेश करके शिक्रापुर में एक नई लीज पर ली गई फैसिलिटी स्थापित कर रही है, जो मार्च 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। इस प्लांट से अगले 4-5 वर्षों में ₹500 करोड़ का सालाना रेवेन्यू जेनरेट करने का लक्ष्य है। FY27 के लिए कुल नियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) लगभग ₹150 करोड़ है। मैनेजमेंट का लक्ष्य ऑपरेशनल एफिशिएंसी और ऑटोमेशन के जरिए FY27 के लिए EBITDA मार्जिन में कम से कम 1% का सुधार करना है।

जोखिमों पर भी डालें नज़र

पहली तिमाही में इनपुट लागत में अस्थिरता, विशेष रूप से मेटल्स, गैस और ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने मार्जिन को प्रभावित किया। यूरोपीय ऑपरेशन्स की रिकवरी, जहां कुछ प्रोग्राम्स के खत्म होने से तिमाही थोड़ी कमजोर रही, FY27 की तीसरी तिमाही तक नए प्रोग्राम्स के शुरू होने पर निर्भर करेगी। बड़ी ऑर्डर बुक का सफल निष्पादन समय पर प्रोडक्शन शुरू होने और क्षमता के सही उपयोग पर निर्भर करेगा।

अगले कदम क्या होंगे?

निवेशक शिक्रापुर फैसिलिटी के चालू होने, FY27 की दूसरी छमाही में यूरोपीय ऑपरेशन्स के प्रदर्शन और कंपनी की ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) को 10.7% से बढ़ाकर 15% तक ले जाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.