Alfa Transformers ने अपनी घाटे वाली Vadodara यूनिट को Kasst Industries को ₹18 करोड़ में बेचने का प्रस्ताव दिया है। यह यूनिट वर्किंग कैपिटल की तंगी से जूझ रही है, जिससे ऑर्डर पूरे करने में दिक्कत आ रही है। शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
Alfa Transformers की Vadodara यूनिट बिकेगी
Alfa Transformers Ltd अपनी Vadodara यूनिट को Kasst Industries Limited को ₹18 करोड़ की एकमुश्त राशि पर बेचने की तैयारी कर रही है। यह सौदा 'debt-free' बेसिस पर होगा। इस कदम का मकसद यूनिट की लगातार बढ़ती ऑपरेशनल और वित्तीय चुनौतियों से निपटना है।
क्या हुआ?
कंपनी ने Waghodia स्थित GIDC एस्टेट में अपनी Vadodara यूनिट की बिक्री और ट्रांसफर का प्रस्ताव रखा है। यह डिवेस्टमेंट (divestment) कंपनी को यूनिट की वित्तीय तंगी से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद करेगा।
क्यों है यह अहम?
Vadodara यूनिट ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए साल में ₹2.72 करोड़ का घाटा दर्ज किया था। इस बिक्री से कंपनी को इस घाटे वाले ऑपरेशन से बाहर निकलने का मौका मिलेगा। इतना ही नहीं, यूनिट भारी वर्किंग कैपिटल की कमी से भी जूझ रही है, जिससे मौजूदा ऑर्डर को पूरा करने की क्षमता प्रभावित हो रही है।
पूरी कहानी
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, Vadodara यूनिट ने ₹70.14 करोड़ के ऑर्डर सुरक्षित किए हैं। हालांकि, इसके लिए अनुमानित ₹12.00 करोड़ की वर्किंग कैपिटल की आवश्यकता है, जो कि स्वीकृत ₹4.00 करोड़ की सीमा से कहीं ज्यादा है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि वह अतिरिक्त फंड डालने में असमर्थ है, जिससे सप्लाई में देरी के लिए लिक्विडेटेड डैमेज (liquidated damages) की चिंता बढ़ गई है।
अब क्या बदलेगा?
शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी इस मुश्किल संपत्ति से छुटकारा पाना चाहेगी, जिससे वित्तीय बोझ कम होगा। बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने या अन्य रणनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
जोखिम
सबसे बड़ा जोखिम शेयरधारकों के वोट का नतीजा है, क्योंकि इस बिक्री के लिए पब्लिक शेयरधारकों से बहुमत की मंजूरी जरूरी है। यदि मंजूरी नहीं मिलती है, तो कंपनी को Vadodara यूनिट और उससे जुड़े वित्तीय देनदारियों के साथ ही बने रहना होगा।
गवर्नेंस अपडेट
इसी बीच, कंपनी ने नेतृत्व की नियुक्तियों का भी प्रस्ताव दिया है, जिसमें श्री दिलीप कुमार दास (Mr. Dillip Kumar Das) को मैनेजिंग डायरेक्टर और श्री देबासिस दास (Mr. Debasis Das) को होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव है। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स श्री रश्मि रंजन सथपथी (Mr. Rashmi Ranjan Sathapathy) और श्री प्रेम सागर मिश्रा (Mr. Prem Sagar Mishra) की भी पुनः नियुक्ति का प्रस्ताव है। M/s Goutam & Co. ने आंतरिक ऑडिटर (internal auditor) के पद से इस्तीफा दे दिया है, और M/s PBM & Associates को FY2026-27 और FY2027-28 के लिए नियुक्त किया गया है। M/s Goutam & Co. को पांच साल के लिए स्टेटुटरी ऑडिटर (statutory auditor) के रूप में भी प्रस्तावित किया गया है।
