Alan Scott Enterprises ने FY26 के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड घाटा बढ़कर **₹4.30 करोड़** पहुंच गया है, जो पिछले साल **₹1.82 करोड़** था। हालांकि, कंपनी की रेवेन्यू में उछाल देखने को मिला है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹30.94 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹35.66 करोड़ दर्ज किया गया है। हालांकि, स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने ₹0.08 करोड़ का मामूली घाटा दर्ज किया है, जबकि पिछले साल ₹0.65 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
घाटा बढ़ने की असली वजह
कंपनी फिलहाल एक आक्रामक विस्तार मोड में है। वे चार प्रमुख सेगमेंट—रिटेल, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, डिजिटल आइडेंटिटी, और AI/ड्रोन सर्विसेज को खड़ा करने पर भारी निवेश कर रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट एक्विजिशन और नए प्रोजेक्ट्स में हो रहे खर्च का सीधा असर कंपनी के बॉटम लाइन पर पड़ा है।
फंडरेजिंग और ऑपरेशंस
कंपनी कैपिटल मार्केट में भी काफी एक्टिव है। दिसंबर 2025 में ₹250 प्रति शेयर के भाव पर ₹6.75 करोड़ जुटाए गए थे। वहीं, सितंबर 2026 में 9,52,932 शेयरों का एक नया राइट्स इश्यू भी लाया गया है। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में कंपनी ने Alanscott Metastar Media Limited में 60% हिस्सेदारी ₹2.6 करोड़ में खरीदी है।
मैनेजमेंट और गवर्नेंस
बोर्ड में बड़े बदलाव हुए हैं। ऋषि मोहन भटनागर और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में काकयूर पल्लियिल प्रदीप की नियुक्ति की गई है। साथ ही, M/s Pravin Chandak & Associates को 2030 तक के लिए वैधानिक ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजरें अब 29 सितंबर 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर हैं। यहाँ मैनेजमेंट से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि वे अपने नए वेंचर्स को कब तक मुनाफे में बदलने की योजना बना रहे हैं।
