Agarwal Industrial Corporation के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹1,669.83 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹43.57 करोड़** रहा। मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण बिटुमेन (bitumen) सेगमेंट पर बुरा असर पड़ा है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
कंपनी के 32वें एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के ₹2,409.47 करोड़ के मुकाबले रेवेन्यू में गिरावट आई है। वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹115.69 करोड़ से लुढ़क कर ₹43.57 करोड़ रह गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि सप्लाई चेन में बाधाओं की वजह से बिटुमेन और इससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में 39.08% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
नई राह: डाइवर्सिफिकेशन
मुश्किल दौर से उबरने के लिए कंपनी अब अपना ध्यान पूरी तरह से बदल रही है। बोर्ड ने शेयरधारकों से इंफ्रास्ट्रक्चर EPC, टोल मैनेजमेंट और केमिकल ट्रेडिंग जैसे नए बिजनेस सेगमेंट में कदम रखने की मंजूरी मांगी है। इसके साथ ही निवेशकों के लिए ₹3.30 प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया गया है।
स्ट्रैटेजिक कदम और आगे की राह
कंपनी ने अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए ₹22 करोड़ में Konkan Storage Systems (Karwar) Private Limited का 100% अधिग्रहण किया है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि नई यूनिट्स और हालिया अधिग्रहण कंपनी के पोर्टफोलियो में कितनी मजबूती लाते हैं।
