Afcons Infrastructure ने FY25-26 के लिए **₹250.74 करोड़** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले साल के मुकाबले गिरावट है। कंपनी ने इसका कारण प्रोजेक्ट अवार्ड्स पर ग्लोबल अनिश्चितताओं का असर बताया है। हालांकि, कंपनी की ऑर्डर बुक **₹32,496 करोड़** पर मजबूत बनी हुई है।
Afcons Infrastructure FY26 नतीजे: 'ट्रांज़िशन' ईयर में मुनाफे में आई गिरावट
Afcons Infrastructure लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹250.74 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा ₹486.79 करोड़ था, जो कि एक बड़ी गिरावट दर्शाता है। कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम भी घटकर ₹12,322.10 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹13,022.77 करोड़ थी। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹1,362.26 करोड़ रहा, जिसमें लेबर कोड के एक बार के प्रभाव ₹76.51 करोड़ को शामिल नहीं किया गया है।
क्यों गिरी मुनाफा और आय?
कंपनी के मैनेजमेंट ने FY25-26 को 'ट्रांज़िशन, रेसिलिएंस और इंस्टीट्यूशनल स्ट्रेंग्थेनिंग' का साल बताया। वित्तीय प्रदर्शन में गिरावट का मुख्य कारण धीमे ऑर्डर इनफ्लो और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और मैक्रोइकोनॉमिक अस्थिरता के कारण प्रोजेक्ट अवार्ड्स में देरी को माना जा रहा है।
ऑर्डर बुक की मजबूती: भविष्य की राह
इन चुनौतियों के बावजूद, Afcons Infrastructure की ऑर्डर बुक 31 मार्च, 2026 तक ₹32,496 करोड़ पर मजबूत बनी हुई है। इसमें से 87% घरेलू ऑर्डर हैं और 13% विदेशी। कंपनी के क्लाइंट बेस में 79% सरकारी प्रोजेक्ट्स, 9% मल्टीलेटरल और 12% प्राइवेट सेक्टर का योगदान है। यह मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य के रेवेन्यू के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो सकती है।
नए बाज़ारों में विस्तार और 'ग्रीन' बिज़नेस पर फोकस
कंपनी ने यूरोप (क्रोएशिया) और अफ्रीका में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। खास बात यह है कि कंपनी अपने रेवेन्यू का 43% 'ग्रीन' बिज़नेस एक्टिविटीज से कमा रही है, जो कंपनी के भविष्य के प्रति एक सकारात्मक संकेत है।
शेयरधारकों को डिविडेंड
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी ने ₹2 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है, जो शेयरधारकों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजर अब कंपनी की नई ऑर्डर्स हासिल करने की क्षमता, मौजूदा ऑर्डर बुक के कुशल निष्पादन और 'ग्रीन' बिज़नेस सेगमेंट की ग्रोथ पर रहेगी। आने वाली तिमाहियों में ऑर्डर इनफ्लो पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
