Afcom Holdings का शानदार वित्तीय साल 2026
Afcom Holdings Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले साल के ₹36.94 करोड़ के मुकाबले इस बार ₹121.90 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो कि 230% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में भी 144% की शानदार बढ़त देखी गई, जो ₹238.72 करोड़ से बढ़कर ₹583.11 करोड़ हो गया।
BSE मेन बोर्ड पर सफल माइग्रेशन
इन बेहतरीन नतीजों के साथ ही, Afcom Holdings ने BSE SME Emerge प्लेटफॉर्म से BSE के मेन बोर्ड पर माइग्रेट करने में भी सफलता हासिल की है। कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹25 करोड़ की सीमा से अधिक होने के कारण यह माइग्रेशन संभव हुआ।
नए अकाउंटिंग स्टैंडर्ड और फंड रेजिंग
Afcom Holdings ने FY26 के लिए पहली बार इंडियन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड (Ind AS) को अपनाया है, जिसके तहत पिछले पीरियड के आंकड़ों को भी नए सिरे से पेश किया गया है। कंपनी ने प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹129.61 करोड़ जुटाए थे, जिसमें से ₹59.49 करोड़ 31 मार्च, 2026 तक अनयूटिलाइज्ड (Unutilized) थे।
क्यों अहम है यह खबर?
मुनाफे और रेवेन्यू में इस जबरदस्त उछाल से कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और बिजनेस एक्सपेंशन (Business Expansion) का पता चलता है। BSE मेन बोर्ड पर माइग्रेशन कंपनी की कॉरपोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance), रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) और ओवरऑल विजिबिलिटी (Visibility) में सुधार का संकेत देता है, जो निवेशकों के लिए एक पॉजिटिव साइन है।
आगे क्या?
अब निवेशक कंपनी द्वारा प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाए गए फंड के इस्तेमाल पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि ये फंड बिजनेस विस्तार, एयरक्राफ्ट इंडक्शन (Aircraft Induction) और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए रखे गए हैं। साथ ही, मेन बोर्ड पर लिस्ट होने के बाद कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहता है, यह देखना भी दिलचस्प होगा।
