Aeroflex Neu Limited ने अपनी सहायक कंपनी Fibcorp Polyweave Private Limited में अपनी 51.01% हिस्सेदारी **₹1.92 करोड़** में बेचने का फैसला किया है। यह बिकवाली कंपनी के FY26 के टर्नओवर का **32.65%** है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी की ओर एक बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है।
Aeroflex Neu का बड़ा फैसला: सहायक कंपनी की हिस्सेदारी बेची
Aeroflex Neu Limited ने अपनी महत्वपूर्ण सहायक कंपनी, Fibcorp Polyweave Private Limited (FPPL) में अपनी 51.01% इक्विटी हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी है। इस सौदे का मूल्य ₹1.92 करोड़ है। इस ट्रांजैक्शन में 33,884 इक्विटी शेयर शामिल हैं और इसके 180 दिनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। डील पूरी होने के बाद, FPPL अब Aeroflex Neu की सहायक कंपनी नहीं रहेगी।
क्या हुआ?
Aeroflex Neu, Fibcorp Polyweave Private Limited में अपनी 51.01% हिस्सेदारी बेचेगी।
इस सौदे से कंपनी को ₹1.92 करोड़ मिलेंगे।
अहम क्यों है ये डील?
यह बिकवाली Aeroflex Neu के लिए एक बड़े रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है। कंपनी एक प्रेफरेंशियल इश्यू ऑफ वारंट्स से प्राप्त राशि को इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी-केंद्रित क्षेत्रों में निवेश करने के लिए भी इस्तेमाल करेगी। इन क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले ऑफिस कॉम्प्लेक्स, एआई और आईटी पार्क, डेटा सेंटर, आवासीय और औद्योगिक कॉम्प्लेक्स, और हॉस्पिटैलिटी व्यवसाय शामिल हैं।
इसके अलावा, कंपनी अपने बोर्ड में दो अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशकों - श्री अर्चित कलानी और श्री तपन तन्मय कोठारी - की नियुक्ति करके अपने बोर्ड गवर्नेंस को मजबूत कर रही है। ये नियुक्तियां 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी होंगी और शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन पांच साल के कार्यकाल के लिए होंगी।
क्या बदल रहा है?
कंपनी अपने व्यावसायिक फोकस को मौलिक रूप से बदल रही है। FPPL का विनिवेश एक महत्वपूर्ण राजस्व-उत्पादक संपत्ति को छोड़ने का संकेत देता है। भविष्य की रणनीति में हाई-कैपेक्स, टेक्नोलॉजी-संचालित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में फंड और प्रयासों को लगाना शामिल है।
जोखिम पर नज़र
मुख्य जोखिम एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत (FY26 टर्नओवर का 32.65%) के नुकसान का है। निवेशकों को इस बात पर नज़र रखनी होगी कि Aeroflex Neu इस राजस्व की भरपाई कितनी प्रभावी ढंग से कर पाती है और क्या उसके नए इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी वेंचर तुलनीय या बेहतर रिटर्न देंगे। इन नए, संभावित रूप से पूंजी-गहन क्षेत्रों में पूंजी आवंटन दक्षता पर भी नजर रखनी होगी।
