Aequs Ltd के शेयर रॉकेट! रेवेन्यू में **55%** की तूफानी उछाल, ₹395.5 करोड़ पार, एयरक्राफ्ट ऑर्डर बुक **$1 बिलियन** के पार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Aequs Ltd के शेयर रॉकेट! रेवेन्यू में **55%** की तूफानी उछाल, ₹395.5 करोड़ पार, एयरक्राफ्ट ऑर्डर बुक **$1 बिलियन** के पार

Aequs Ltd ने Q1 FY27 में साल-दर-साल **55%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो कि ₹395.5 करोड़ रही। एयरस्पेस (Aerospace) और कंज्यूमर (Consumer) सेगमेंट की शानदार ग्रोथ इसकी मुख्य वजह है। कंपनी ने एयरस्पेस में **$1 बिलियन** से ज्यादा के नए ऑर्डर हासिल किए हैं और Safran के साथ **15 साल** का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट भी जीता है।

Aequs Ltd के नतीजे: रेवेन्यू में जोरदार उछाल, एयरस्पेस ऑर्डर बुक $1 बिलियन के पार

  • कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue): ₹395.5 करोड़
  • एयरस्पेस रेवेन्यू (Aerospace Revenue): ₹322.2 करोड़

निवेशकों के लिए खास: कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ और एयरस्पेस में बड़ी जीत शानदार है, लेकिन कंज्यूमर सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर नजर रखना जरूरी है।

क्या हुआ?

Aequs Ltd ने Q1 FY27 के अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल 55% बढ़कर ₹395.5 करोड़ हो गया है। एयरस्पेस सेगमेंट का इसमें बड़ा योगदान रहा, जिसने ₹322.2 करोड़ का रेवेन्यू दिया ( 40% YoY ग्रोथ)। वहीं, कंज्यूमर सेगमेंट में 190% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹73.4 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी को ₹53.2 करोड़ का नेट लॉस आफ्टर टैक्स (Net Loss After Tax) हुआ है, लेकिन ऑपरेशनल EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) पिछले तिमाही के ₹4.2 करोड़ से बढ़कर ₹14.8 करोड़ हो गया है, जो एक अच्छी खबर है।

यह क्यों मायने रखता है?

एयरस्पेस सेक्टर में कंपनी की शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ और $1 बिलियन से अधिक की ऑर्डर बुक, बाजार की मजबूत मांग और कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को दर्शाती है। Safran Landing Systems के साथ Airbus A320 व्हील्स के लिए 15 साल का कॉन्ट्रैक्ट एक बड़ी दीर्घकालिक जीत है, जो 'मेक इन इंडिया' पहल को और मजबूत करती है।

बैकस्टोरी

Aequs खुद को ग्लोबल एयरस्पेस और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में स्थापित कर रही है। कंपनी अपनी क्षमताओं और सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जिसमें होसुर में एक नया इकोसिस्टम बनाने के लिए 10 साल में ₹1,900 करोड़ के निवेश की योजना भी शामिल है।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी अब डिमांड को पूरा करने के लिए अपने ऑपरेशन्स (Operations) को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और कंज्यूमर सेगमेंट को Q4 FY27 तक ब्रेक-ईवन (Breakeven) पर लाने का लक्ष्य है। एयरस्पेस डिवीजन के लिए ऑर्डर बुक अच्छी विजिबिलिटी दे रही है, जबकि चल रहे निवेश का उद्देश्य एक व्यापक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है।

जोखिम

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Aequs 99% तक आयातित कच्चे माल पर निर्भर है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन के जोखिम बढ़ जाते हैं। यह बिजनेस कैपिटल-इंटेंसिव (Capital-intensive) है, जिसमें Q1 FY27 में अकेले ₹83.0 करोड़ का निवेश किया गया। ₹45.3 करोड़ की डेप्रिसिएशन (Depreciation) लागत, खासकर कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एसेट बेस से, रिपोर्टेड प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर रही है।

आगे क्या देखें?

निवेशक Q4 FY27 तक कंज्यूमर सेगमेंट के EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करने की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। नए कॉन्ट्रैक्ट्स, खासकर Safran समझौते का निष्पादन और उपयोग स्तरों की निगरानी महत्वपूर्ण होगी। होसुर इकोसिस्टम में नियोजित निवेश और भविष्य की ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर इसके प्रभाव के बारे में और अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.