Aequs Ltd: रेवेन्यू में 33% की बंपर ग्रोथ, पर घाटा बढ़ा! FY26 के नतीजे जारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Aequs Ltd: रेवेन्यू में 33% की बंपर ग्रोथ, पर घाटा बढ़ा! FY26 के नतीजे जारी

Aequs Limited ने FY26 में अपने रेवेन्यू में 33% का शानदार उछाल दर्ज किया है, जो ₹12,304 मिलियन तक पहुंच गया। यह बढ़त मुख्य रूप से कंपनी के एयरोस्पेस और कंज्यूमर बिजनेस के दम पर आई है। हालांकि, बढ़ती लागतों के चलते नेट लॉस (Net Loss) बढ़कर ₹1,133 मिलियन हो गया है। कंपनी क्षमता विस्तार में भारी निवेश कर रही है और इसके लिए RSU स्कीम की भी योजना बना रही है।

Aequs Ltd FY26: रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल, पर घाटे में बढ़ोतरी!

Aequs Ltd के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में FY 2025-26 के दौरान 33% का जोरदार इजाफा हुआ और यह ₹12,304 मिलियन पर पहुंच गया। वहीं, EBITDA में 43% की ग्रोथ देखी गई, जो ₹1,545 मिलियन रहा। हालांकि, कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹1,133 मिलियन हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹1,024 मिलियन था।

निवेशकों के लिए खास:

कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA में दमदार ग्रोथ विस्तार योजनाओं की सफलता को दर्शाती है। वहीं, बढ़ता हुआ नेट लॉस यह बताता है कि कंपनी अभी भारी निवेश के दौर से गुजर रही है। कंपनी क्षमता विस्तार पर ज़ोर दे रही है ताकि भविष्य में यूटिलाइजेशन (Utilization) को बढ़ाया जा सके।

पर्दे के पीछे की कहानी

Aequs इस समय भारी निवेश के साथ ग्रोथ फेज में है। कंपनी अपने कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस को स्केल-अप कर रही है और एयरोस्पेस सेगमेंट का भी विस्तार कर रही है। मैनेजमेंट के अनुसार, नेट लॉस का मुख्य कारण नई कैपेसिटी (Capacity) से होने वाला डेप्रिसिएशन (Depreciation) और फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) है।

आगे क्या होगा?

कंपनी शेयरहोल्डर्स (Shareholders) से 4 सितंबर, 2026 को होने वाली 26वीं AGM में 'Aequs Restricted Stock Unit Plan 2026' और संबंधित पार्टी ट्रांज़ैक्शन्स (Related Party Transactions) के लिए मंजूरी मांगेगी। यह कदम कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और ऑपरेशनल सपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है। RSU प्लान के तहत 1,500,000 RSUs का एक पूल बनाया जाएगा।

जोखिम पर नज़र

सबसे बड़ा जोखिम यह है कि कंपनी अपनी नई बढ़ाई गई कैपेसिटी का कितना प्रभावी ढंग से उपयोग कर पाती है और साथ ही कंज्यूमर बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को कैसे मैनेज करती है। लगातार कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) से बढ़ता कर्ज और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में ब्रेकइवन (Breakeven) हासिल करने की समय-सीमा (जो H1 FY28 में अपेक्षित है) पर कड़ी नज़र रखनी होगी।

अन्य कंपनियों से तुलना

हालांकि FY26 के लिए विशिष्ट पीयर (Peer) डेटा उपलब्ध नहीं है, Aequs एयरोस्पेस और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में काम करती है। एयरोस्पेस डिवीजन के पास USD 889 मिलियन का ऑर्डर बुक है, जो मल्टी-ईयर विजिबिलिटी (Multi-year Visibility) दिखाता है। कंज्यूमर बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है और कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 15% का योगदान दे रहा है।

मुख्य आंकड़े (समय के साथ):

  • कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹12,304 Mn (FY26) बनाम ₹9,246 Mn (FY25) - 33% की बढ़ोतरी
  • कंसोलिडेटेड EBITDA: ₹1,545 Mn (FY26) बनाम ₹1,080 Mn (FY25) - 43% की बढ़ोतरी
  • नेट लॉस आफ्टर टैक्स: (₹1,133 Mn) (FY26) बनाम (₹1,024 Mn) (FY25)
  • एयरोस्पेस रेवेन्यू: ₹10,464 Mn (FY26) - पिछले साल से 27% ज्यादा
  • कंज्यूमर बिजनेस रेवेन्यू: ₹1,840 Mn (FY26) - पिछले साल से 84% ज्यादा
  • अप्रूव्ड 5-ईयर इन्वेस्टमेंट: ₹2,856 करोड़
  • अतिरिक्त निवेश के लिए MoU: ₹1,900 करोड़ (होसुर में)

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशक कंपनी की प्रगति पर करीब से नज़र रखेंगे, खासकर कंज्यूमर EBITDA में Q4 FY27 तक ब्रेकइवन और कंसोलिडेटेड PAT में H1 FY28 तक ब्रेकइवन हासिल करने के लक्ष्यों को लेकर। नई कैपेसिटी का सफल एकीकरण (Integration) और कंज्यूमर सेगमेंट के रैंप-अप (Ramp-up) का प्रभावी प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.