Aequs Ltd ने H1 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **50%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹804.6 करोड़** तक पहुंच गया है। कंपनी के पास **$1.1 बिलियन** का मजबूत एयरोस्पेस ऑर्डर बुक है, और विस्तार के लिए प्रमोटर्स **₹650 करोड़** का फंड जुटाने जा रहे हैं।
एयरोस्पेस बना ग्रोथ का इंजन
Aequs Ltd ने H1 FY27 के लिए जो नतीजे पेश किए हैं, उनमें एयरोस्पेस डिवीजन का दबदबा साफ है। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹804.6 करोड़ रहा है, जिसमें एयरोस्पेस सेक्टर का योगदान 86% है। साल-दर-साल आधार पर देखें तो इस डिवीजन ने 44% की ग्रोथ दिखाई है।
प्रमोटर्स का बड़ा दांव
कंपनी के होसुर (Hosur) स्थित एयरोस्पेस इकोसिस्टम को विस्तार देने के लिए प्रमोटर ग्रुप ने ₹650 करोड़ का निवेश करने का फैसला किया है। यह राशि प्रिफरेंशियल वॉरंट्स के जरिए आएगी, जिसमें से 50% रकम तुरंत चुकाई जाएगी। इस फंड का इस्तेमाल एयरो इंजन और लैंडिंग गियर जैसी नई क्षमताओं को विकसित करने में होगा।
कंज्यूमर सेगमेंट की चिंताएं
जहां एयरोस्पेस तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कंपनी का कंज्यूमर बिजनेस उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। Q2 में कंज्यूमर सेगमेंट का EBITDA लॉस ₹40.1 करोड़ तक पहुंच गया है। लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों और धीमे वॉल्यूम के कारण मैनेजमेंट को इस बिजनेस के लिए ब्रेक-ईवन (ब्रेक-ईवन) का लक्ष्य आगे खिसकाना पड़ा है।
रिस्क फैक्टर और बैलेंस शीट
निवेशकों को कंपनी के कर्ज पर भी नजर रखनी चाहिए। क्षमता विस्तार के लिए लिए गए कर्ज के कारण नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) बढ़कर 0.5x हो गया है, जो मार्च में 0.2x था। कंपनी का फोकस अब होसुर फैसिलिटी को समय पर पूरा करने पर है, ताकि ग्रोथ और कर्ज के बीच तालमेल बना रहे।
