Adroit Industries ने Q2 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट तिमाही दर तिमाही **14%** उछलकर **₹8.55 करोड़** पर पहुंच गया है। बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी पीथमपुर और देवास प्लांट में अपनी क्षमता बढ़ा रही है और FY27 में **₹180 करोड़** से ज्यादा के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है।
मुनाफे और ग्रोथ का गणित
Adroit Industries ने Q2 FY27 में ₹42.67 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 25% ज्यादा है। कंपनी का EBITDA भी 13% बढ़कर ₹11.95 करोड़ हो गया है, जबकि पहली छमाही (H1) के लिए मार्जिन 29.3% रहा है। कंपनी IPO से मिले फंड का इस्तेमाल मशीनिंग और फोर्जिंग क्षमता को दोगुना करने के लिए कर रही है।
क्षमता विस्तार (Capacity Expansion)
फिलहाल कंपनी की फोर्जिंग यूनिट्स 93-94% क्षमता पर चल रही हैं। इसे देखते हुए पीथमपुर और देवास फैसिलिटी का विस्तार कंपनी के भविष्य के लिए अहम है। मैनेजमेंट ने FY31 तक ₹475 से ₹500 करोड़ सालाना रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है, जो इसके हाई-ग्रोथ फेज की ओर इशारा करता है।
इन जोखिमों पर रखें नजर (Risks to Watch)
निवेशकों को कंपनी के वर्किंग कैपिटल साइकिल पर ध्यान देना चाहिए, जो फिलहाल 248-249 दिन पर है। हालांकि मैनेजमेंट इसे 200-230 दिन तक लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह कैश-फ्लो पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, डिफेंस और इंडस्ट्रियल सेक्टर के नए प्रोजेक्ट्स अभी 6-12 महीने के टेस्टिंग फेज में हैं, जिससे वहां से रेवेन्यू मिलने में अभी देरी हो सकती है।
आगे की राह (What to Track Next)
कंपनी के लिए अब पीथमपुर प्लांट का Q4 FY27 और देवास प्लांट का Q1 FY28 में ऑपरेशनल होना काफी महत्वपूर्ण रहेगा। साथ ही, घरेलू मार्केट में बिक्री बढ़ने से वर्किंग कैपिटल में होने वाला सुधार कंपनी की कार्यक्षमता को तय करेगा।
