आदित्य इन्फोटेक ने FY26 में दमदार प्रदर्शन किया, डिविडेंड और ज्वाइंट वेंचर का ऐलान
Aditya Infotech Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष (FY26) के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें कंपनी की टॉप लाइन में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले वित्त वर्ष (FY25) के ₹3,122.93 करोड़ की तुलना में, कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 35.57% बढ़कर ₹4,233.65 करोड़ हो गई है। कंपनी के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 4.72% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹351.37 करोड़ से बढ़कर ₹367.96 करोड़ हो गया है।
शेयरधारकों को मिलेगा रिटर्न और बिजनेस का विस्तार
अपने शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रति इक्विटी शेयर ₹1.64 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। शेयरधारकों को रिटर्न देने के अलावा, आदित्य इन्फोटेक अपने बिजनेस में विस्तार भी कर रहा है। कंपनी ने इलेक्ट्रिक केबल बनाने के लिए Orient Cables (India) Ltd. के साथ 50:50 का ज्वाइंट वेंचर किया है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी ताइवान सब्सिडियरी में USD 400,000 का रणनीतिक निवेश भी किया है, जिसका मकसद रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है।
इन नतीजों के पीछे की रणनीति
राजस्व में यह भारी बढ़ोतरी आदित्य इन्फोटेक की बढ़ती मार्केट प्रेज़ेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाती है। वहीं, अनुशंसित डिविडेंड सीधे शेयरधारकों को फायदा पहुंचाएगा। इलेक्ट्रिक केबल सेक्टर में नया ज्वाइंट वेंचर एक संबंधित बाजार में डाइवर्सिफिकेशन का संकेत देता है, जबकि ताइवान सब्सिडियरी में निवेश इनोवेशन और संभावित अंतरराष्ट्रीय बाजार विकास पर एक रणनीतिक फोकस को उजागर करता है, खासकर सिक्योरिटी और सर्विलांस इक्विपमेंट के क्षेत्र में।
संभावित जोखिम
सकारात्मक वित्तीय नतीजों के बावजूद, आदित्य इन्फोटेक एक महत्वपूर्ण जोखिम का सामना कर रहा है, जो कि कस्टम ड्यूटी से जुड़ा एक लिटिगेशन (मुकदमा) है। यह विवाद 4G राउटर के आयात से संबंधित है और इसमें ब्याज के अलावा ₹30.86 करोड़ की संभावित देनदारी शामिल है। हालांकि कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है और अपनी स्थिति को लेकर आश्वस्त है, लेकिन प्रतिकूल परिणाम कंपनी की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
- कंसोलिडेटेड टोटल इनकम (FY26): ₹4,233.65 करोड़ (FY25 में ₹3,122.93 करोड़ की तुलना में)
- कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (FY26): ₹367.96 करोड़ (FY25 में ₹351.37 करोड़ की तुलना में)
- अनुशंसित डिविडेंड: ₹1.64 प्रति इक्विटी शेयर
- ताइवान सब्सिडियरी में निवेश: USD 400,000
- कस्टम ड्यूटी लिटिगेशन राशि: ₹30.86 करोड़ (ब्याज को छोड़कर)
आगे क्या देखें?
निवेशक कस्टम ड्यूटी लिटिगेशन के विकास और किसी भी संभावित वित्तीय प्रभाव की बारीकी से निगरानी करेंगे। नए इलेक्ट्रिक केबल ज्वाइंट वेंचर का प्रदर्शन और बाजार में उसकी स्वीकार्यता, साथ ही ताइवान सब्सिडियरी से इनोवेशन के नतीजे, कंपनी के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
