आदित्य इन्फोटेक का दमदार प्रदर्शन
Aditya Infotech Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने बेहतरीन नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹4,220.81 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) और ₹367.96 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Consolidated Profit After Tax) दर्ज किया है। बेसिक ईपीएस (Basic EPS) ₹32.05 रहा।
वहीं, स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर, कंपनी का रेवेन्यू ₹4,178.85 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹340.63 करोड़ रहा।
शेयरधारकों को डिविडेंड और विस्तार की योजना
कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए, बोर्ड ने ₹1.64 प्रति इक्विटी शेयर (Equity Share) के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो कि फेस वैल्यू (Face Value) का 164% है। इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी बाकी है।
इसके अलावा, आदित्य इन्फोटेक अपने कारोबार का रणनीतिक विस्तार कर रही है। कंपनी ने केबल मैन्युफैक्चरिंग (Cable Manufacturing) के क्षेत्र में उतरने के लिए Orient Cables (India) Ltd. के साथ एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) बनाया है। साथ ही, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को बढ़ावा देने के लिए कंपनी अपनी ताइवान स्थित सब्सिडियरी (Subsidiary) में USD 400,000 तक का निवेश करने की योजना बना रही है।
नई बिजनेस स्ट्रैटेजी
नए जॉइंट वेंचर का मुख्य फोकस इलेक्ट्रिक, लैन (LAN) और सीसीटीवी केबल (CCTV Cable) का उत्पादन करना होगा, जिससे कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (Product Portfolio) में विविधता आएगी। ताइवान में निवेश का लक्ष्य नवाचार (Innovation) और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाना है।
संभावित जोखिम और चुनौतियां
सकारात्मक प्रदर्शन के बावजूद, आदित्य इन्फोटेक कुछ महत्वपूर्ण जोखिमों का सामना कर रही है। कंपनी 4G राउटर के आयात से संबंधित कस्टम्स लिटिगेशन (Customs Litigation) में फंसी हुई है, जिसमें ₹41.19 करोड़ के डिफरेंशियल ड्यूटी (Differential Duty) और जुर्माने की मांग की गई है। इस मामले में कस्टम्स, एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (CESTAT) में अपील दायर की जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त, नोएडा (Noida) स्थित कंपनी की फैसिलिटी (Facility) में निर्माण कार्य में देरी हो रही है। यह देरी GRAP-4 के तहत पर्यावरणीय दिशानिर्देशों (Environmental Guidelines) से जुड़ी ऑपरेशनल दिक्कतों के कारण हो रही है। कंपनी ने इन मुद्दों को हल करने के लिए नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) में एक आवेदन जमा किया है।
आगे की राह
निवेशक कस्टम्स लिटिगेशन की अपील के नतीजे और नोएडा अथॉरिटी के निर्माण समय-सीमा पर फैसले का बेसब्री से इंतजार करेंगे। नए केबल मैन्युफैक्चरिंग जॉइंट वेंचर और ताइवान में R&D पहलों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण मेट्रिक्स (Metrics) होंगे जिन पर नजर रखी जाएगी।
