Aditya Birla Fashion and Retail (ABFRL) को NCLT से जयपूर ई-कॉमर्स और टीजी अपैरल एंड डेकोर के मर्जर को मंजूरी मिल गई है। इस मर्जर का मकसद कंपनी के ऑपरेशंस को सरल बनाना और शेयरहोल्डर्स की वैल्यू बढ़ाना है।
आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का बड़ा कदम
आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (ABFRL) को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से अपनी दो सब्सिडियरी कंपनियों - जयपूर ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड और टीजी अपैरल एंड डेकोर प्राइवेट लिमिटेड - के मर्जर की मंजूरी मिल गई है। इस स्कीम के तहत, दोनों कंपनियों का ABFRL में विलय हो जाएगा।
मर्जर से क्या होगा फायदा?
इस मर्जर से ABFRL की कानूनी और ऑपरेटिंग संरचना सरल होगी। साथ ही, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करके लागत कम करने और कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रेंथ को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे अंततः शेयरहोल्डर्स की वैल्यू में बढ़ोतरी होगी।
पूरी कहानी
जयपूर ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड और टीजी अपैरल एंड डेकोर प्राइवेट लिमिटेड, दोनों ही ABFRL की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी हैं। यह मर्जर ऑपरेशंस को कंसॉलिडेट करने की एक स्ट्रैटेजिक मूव है।
अब क्या बदलेगा?
इस स्कीम के लिए अपॉइंटेड डेट 1 अप्रैल, 2026 है और प्रभावी तिथि 1 अगस्त, 2026 तय की गई है। चूंकि ये दोनों कंपनियाँ ABFRL की सब्सिडियरी हैं, इसलिए ABFRL अपने पास मौजूद इन कंपनियों के शेयर्स को कैंसिल कर देगी। इसका मतलब है कि कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा, जिससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स के इक्विटी में कोई डाइल्यूशन नहीं होगा।
ध्यान देने वाली बातें
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि टीजी अपैरल एंड डेकोर पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की डिमांड बकाया है। कंपनी का कहना है कि यह डिमांड एक एक्स-पार्टे ऑर्डर से उत्पन्न हुई है और इसके खिलाफ अपील दायर की जा रही है। हालांकि, NCLT ने स्पष्ट किया है कि इस मर्जर से GST अथॉरिटी के कानून के अनुसार कार्रवाई करने के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अहम आंकड़े
5 फरवरी, 2026 तक, ABFRL का ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल ₹2,048.15 करोड़ था, इशूड शेयर कैपिटल ₹1,221.29 करोड़ और सब्सक्राइबड और पेड-अप कैपिटल ₹1,221.08 करोड़ था।
आगे क्या?
निवेशक अब टीजी अपैरल द्वारा GST अपील की प्रगति और मर्जर के बाद ऑपरेशंस के सफल इंटीग्रेशन पर बारीकी से नजर रखेंगे।
