Addi Industries Limited ने अपनी 44वीं AGM की तारीख का ऐलान कर दिया है। 30 सितंबर, 2026 को होने वाली इस बैठक में कंपनी ₹150 करोड़ की नई उधारी सीमा और ऑडिटर की नियुक्ति जैसे अहम प्रस्तावों पर शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगेगी।
AGM का मुख्य एजेंडा: कर्ज और ऑडिटर में बदलाव
Addi Industries अपनी 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बड़े प्रशासनिक और वित्तीय बदलावों की तैयारी कर रही है। कंपनी ने M/s. Shilpi Sharma & Co. को नया स्टेट्युटरी ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है, जो M/s. B.R. Gupta & Co. का स्थान लेंगे।
कर्ज सीमा और विस्तार की योजना
बोर्ड ने भविष्य के विस्तार के लिए कंपनी की उधारी और निवेश की सीमा को बढ़ाकर ₹150 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम दिसंबर 2025 में हुए मैनेजमेंट और कंट्रोल में बदलाव के बाद कंपनी की नई रणनीतिक दिशा का हिस्सा माना जा रहा है।
कंपनी की फाइनेंशियल परफॉरमेंस
कंपनी के हालिया आंकड़े मिले-जुले रहे हैं। जहां कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 90.57% की जबरदस्त उछाल देखी गई और यह ₹10.56 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बरकरार है।
- नेट प्रॉफिट: कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 27.27% की गिरावट आई है और यह ₹2.36 करोड़ रहा।
- स्टैंडअलोन प्रॉफिट: स्टैंडअलोन आधार पर मुनाफा 28.65% गिरकर ₹2.22 करोड़ पर आ गया है।
मुख्य रूप से बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों और फाइनेंस कॉस्ट के कारण मार्जिन्स पर असर पड़ा है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी का नया मैनेजमेंट इस बढ़ते कर्ज का इस्तेमाल मुनाफे को वापस पटरी पर लाने के लिए कर पाएगा या नहीं।
