Addi Industries अपनी 44वीं AGM 30 सितंबर, 2026 को आयोजित करेगी। मैनेजमेंट में बड़े बदलाव के बाद, नए प्रमोटर्स ने **74.27%** हिस्सेदारी खरीदी है और अब कंपनी **₹150 करोड़** तक के कर्ज और निवेश की सीमा बढ़ाने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगेगी।
मुनाफे में गिरावट और रेवेन्यू में उछाल
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, कंसोलिडेटेड इनकम ₹1,055.58 लाख तक पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 90.57% की बड़ी बढ़ोतरी है। हालांकि, बढ़ते खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट (PAT) 27.27% गिरकर ₹236.25 लाख पर आ गया है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
दिसंबर 2025 में मैनेजमेंट की कमान रजत गोयल और संदीप मित्तल के नेतृत्व वाले नए प्रमोटर ग्रुप ने संभाली थी। अब संदीप मित्तल होल-टाइम डायरेक्टर और CFO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कंपनी ने M/s Shilpi Sharma & Co. को नए ऑडिटर के तौर पर नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
AGM का मुख्य एजेंडा
कंपनी की 44वीं AGM में सबसे अहम एजेंडा कर्ज लेने की क्षमता को बढ़ाना है। मैनेजमेंट ₹150 करोड़ तक की लिमिट चाह रहा है, जो कि कंपनी की वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए एक आक्रामक कदम माना जा रहा है।
रिस्क फैक्टर और आगे की राह
निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद ऑपरेशनल लागत कंपनी के मुनाफे पर भारी पड़ रही है। हालांकि, कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि AGM में शेयरहोल्डर्स भारी कर्ज लेने के प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं और नई टीम मुनाफे के मार्जिन को कैसे सुधारती है।
