Adani Enterprises ने H1 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का EBITDA **56%** बढ़कर **₹11,958 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि कुल रेवेन्यू **62%** के उछाल के साथ **₹71,569 करोड़** रहा है। हालांकि, **₹2,644 करोड़** के वन-टाइम OFAC सेटलमेंट के कारण नेट प्रॉफिट में **92%** की गिरावट दर्ज की गई है।
ऑपरेशनल फ्रंट पर मजबूती
Adani Enterprises के नतीजे कंपनी की आक्रामक ग्रोथ स्ट्रैटेजी को दर्शाते हैं। कंपनी ने सोलर मॉड्यूल कैपेसिटी में 10 GW का बड़ा माइलस्टोन पार कर लिया है, जिसमें अकेले सितंबर 2026 में 4.3 GW की क्षमता जोड़ी गई। इसके अलावा, डेटा सेंटर बिजनेस AdaniConnex ने नवी मुंबई में 240 MW का बड़ा हाइपरस्केल ऑर्डर हासिल किया है, जो कंपनी के मजबूत पोर्टफोलियो की गवाही देता है। कंपनी की बेहतर होती फाइनेंशियल सेहत को देखते हुए CARE ने इसकी क्रेडिट रेटिंग को AA/Stable कर दिया है।
मुनाफे पर दिखा सेटलमेंट का असर
कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) गिरकर ₹332 करोड़ पर आ गया। इसका मुख्य कारण Q1 में दर्ज किया गया ₹2,644 करोड़ का वन-टाइम OFAC सेटलमेंट एक्सपेंस था। हालांकि, मैनेजमेंट इसे एक बार की घटना बता रहा है, लेकिन निवेशकों को एयरपोर्ट सेगमेंट पर नजर रखनी होगी, जहाँ नवी मुंबई एयरपोर्ट के कैपिटलाइजेशन और डेप्रिसिएशन खर्चों के चलते ₹484 करोड़ का प्री-टैक्स लॉस हुआ है।
आगे की राह
बाजार की नजरें अब कॉपर प्लांट के प्रोडक्शन पर टिकी हैं, जिसका सेल्स वॉल्यूम 5.2 गुना बढ़ गया है। साथ ही, 6 GW सोलर सेल लाइन का निर्माण भी तेजी से जारी है। निवेशकों के लिए अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि कैसे ये नई संपत्तियां कंस्ट्रक्शन फेज से निकलकर पूरी तरह से कमर्शियल ऑपरेशंस में तब्दील होती हैं और मार्जिन में कितना सुधार लाती हैं।
