Acrow India ने वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹0.43 करोड़** पहुंच गया है, जबकि पिछले साल **₹0.88 करोड़** का नुकसान हुआ था। कंपनी अब अपनी फाइनेंशियल स्थिति मजबूत करने के लिए MIDC प्रॉपर्टी बेचने की तैयारी कर रही है।
मुनाफे का नया सफर
Acrow India Limited ने अपनी 66वीं एनुअल रिपोर्ट में वित्तीय सुधार के संकेत दिए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹3.24 करोड़ से उछलकर ₹9.97 करोड़ पर पहुंच गया है। प्रॉफिटेबिलिटी में इस सुधार के साथ ही कंपनी अब अपनी बैलेंस शीट को और दुरुस्त करने पर काम कर रही है।
एसेट मोनेटाइजेशन का दांव
कंपनी के बोर्ड ने छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) के चिकलथाना MIDC स्थित इंडस्ट्रियल प्लॉट को मॉनेटाइज करने का फैसला लिया है। इसके लिए 30 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों से मंजूरी ली जाएगी। यह कदम कंपनी को बड़ा कैश इनफ्लो दिला सकता है, हालांकि इसे बेचने का तरीका अभी तय होना बाकी है।
गवर्नेंस और रिस्क पर नजर
निवेशकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- ऑडिटर की टिप्पणी: M/s. Gautam N Associates ने ग्रेच्युटी लायबिलिटी के प्रोविजन न होने पर सवाल उठाए हैं, हालांकि कंपनी का कहना है कि सिर्फ तीन कर्मचारी होने के कारण यह असर न के बराबर है।
- जुर्माना: रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी के कारण BSE ने कंपनी पर ₹16,520 का जुर्माना लगाया है।
- लोन एक्सपोजर: Brindavan Cotton Mills Pvt Ltd को दिया गया ₹19.98 करोड़ का इंटर-कॉर्पोरेट लोन अभी भी बकाया है, जो कि कंपनी की लिक्विडिटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण फैक्टर है।
