Acrow India ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने पिछले साल के भारी नुकसान से उबरते हुए **₹43.05 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। अब कंपनी अपनी MIDC, Chikalthana स्थित संपत्ति को बेचकर फंड जुटाने की योजना बना रही है, जिसके लिए 30 सितंबर को AGM में वोटिंग होगी।
मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू में उछाल
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। जहां FY25 में कंपनी को ₹88.08 लाख का बड़ा नुकसान हुआ था, वहीं इस साल कंपनी ने ₹43.05 लाख का नेट प्रॉफिट कमाया है। इसके साथ ही, ऑपरेशंस से होने वाली रेवेन्यू भी उछलकर ₹996.60 लाख पर पहुंच गई है, जो पिछले साल ₹323.82 लाख थी।
एसेट मोनेटाइजेशन का बड़ा दांव
कंपनी की अगली बड़ी चाल अपनी प्रॉपर्टी को भुनाने की है। 30 सितंबर 2026 को होने वाली अपनी 66वीं AGM में कंपनी शेयरहोल्डर्स से MIDC, Chikalthana (Plot No. J-3/1) में स्थित अपनी संपत्ति को विकसित करने या सीधे बेचने के लिए मंजूरी मांगेगी। यह कदम कंपनी के पास कैश रिजर्व बढ़ाने में मदद करेगा।
मैनेजमेंट और बोर्ड में बदलाव
AGM में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। श्याम अग्रवाल, जो कि होल-टाइम डायरेक्टर हैं और रिटायरमेंट रोटेशन में हैं, उनकी दोबारा नियुक्ति पर भी चर्चा की जाएगी। बता दें कि उनके पास कंपनी के 116,458 शेयर मौजूद हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों की नजरें अब AGM में होने वाली वोटिंग पर होनी चाहिए। यदि एसेट मोनेटाइजेशन का प्रस्ताव पास हो जाता है, तो यह कंपनी के लिए लिक्विडिटी बढ़ाने का बड़ा जरिया बनेगा। हालांकि, कंपनी की आगे की ग्रोथ ऑपरेशंस से आने वाली कमाई की निरंतरता पर निर्भर करेगी।
