Ace Men Engg Works ने FY26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹10.98 करोड़** का रेवेन्यू और **₹0.16 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि, पहली बार आए इन नतीजों के साथ ऑडिटर ने कंपनी की सब्सिडियरी में नियमों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे के साथ बढ़ीं चिंताएं
Ace Men Engg Works ने नवंबर 2025 में Manibhadra Industries Private Limited (MIPL) का अधिग्रहण किया था, जिसके बाद पहली बार कंसोलिडेटेड नतीजे पेश किए गए हैं। इस अधिग्रहण के जरिए 9.8 मिलियन शेयर जारी किए गए और ₹52.90 करोड़ की गुडविल दर्ज की गई। कंपनी का रेवेन्यू जो पहले मात्र ₹7.73 लाख था, अब उछलकर ₹10.98 करोड़ हो गया है।
ऑडिटर का 'Qualified Opinion'
कंपनी के लिए सबसे बड़ा झटका ऑडिटर की रिपोर्ट से आया है। MIPL के कामकाज पर सवाल उठाते हुए ऑडिटर ने Companies Act, 2013 के उल्लंघन की आशंका जताई है। इसमें बिना अनुमति के लिए गए अनसिक्योर्ड लोन, लिमिट से ज्यादा कर्ज लेना और संबंधित पक्षों (Related Parties) को दिए गए एडवांस के वसूल होने पर संशय शामिल है। ऑडिटर ने साफ कहा है कि फिलहाल इन अनियमितताओं का सही फाइनेंशियल असर बता पाना मुमकिन नहीं है।
आगे की राह और जोखिम
बोर्ड ने नए Independent Directors की नियुक्ति की है और M/s. Kakaria & Associates LLP को नया स्टेट्युटरी ऑडिटर बनाया है। हालांकि, कंपनी का मैनेजमेंट इंजीनियरिंग सेक्टर में बढ़ते कॉम्पिटिशन और कच्चे माल की कीमतों के उतार-चढ़ाव को लेकर पहले ही सतर्क है। अब निवेशकों की नजरें 30 सितंबर 2026 को होने वाली AGM पर टिकी हैं, जहां इन गंभीर गवर्नेंस मुद्दों पर मैनेजमेंट से जवाब मांगे जा सकते हैं।
