जानिए क्या हैं बोर्ड के फैसले
AVI Polymers Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने कई अहम फैसले लिए हैं। सबसे पहले, कंपनी 1:10 के रेशियो में बोनस शेयर देगी, यानी हर 10 शेयर पर 1 बोनस शेयर मिलेगा। इसके अलावा, 10:1 के रेशियो में स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) किया जाएगा, जिससे शेयर की फेस वैल्यू (Face Value) ₹10 से घटकर ₹1 हो जाएगी। इसका मकसद शेयर को ज्यादा लिक्विड (Liquid) और रिटेल निवेशकों (Retail Investors) के लिए सस्ता बनाना है।
इस बोनस इश्यू (Bonus Issue) के लिए कंपनी अपने फ्री रिजर्व (Free Reserves) से ₹9.41 करोड़ का इस्तेमाल करेगी। इन कॉरपोरेट एक्शन्स (Corporate Actions) को संभव बनाने के लिए कंपनी की टोटल ऑथराइज्ड कैपिटल (Authorized Capital) को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹105 करोड़ किया जा रहा है।
क्यों अहम हैं ये फैसले?
ये कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Action) मौजूदा शेयरधारकों (Shareholders) को फायदा पहुंचाने और निवेशक आधार (Investor Base) को बढ़ाने के लिए लाए गए हैं। बोनस शेयर शेयरधारकों के लिए एक तरह का इनाम है, वहीं स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) से शेयर आम निवेशकों की पहुंच में आ जाएंगे।
इसके अलावा, कंपनी इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट (Industrial Waste Management), एडवांस्ड मटेरियल रीसाइक्लिंग (Advanced Material Recycling) और सस्टेनेबिलिटी कंसल्टिंग (Sustainability Consulting) जैसे नए और उभरते हुए सेक्टर्स में एंट्री कर रही है। यह कदम कंपनी के भविष्य के ग्रोथ (Growth) के इरादों को दिखाता है।
कंपनी के पास कितने रिजर्व हैं?
31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के पास ₹21.52 करोड़ के फ्री रिजर्व (Free Reserves) थे। बोनस इश्यू के लिए ₹9.41 करोड़ इस्तेमाल करने के बाद भी उसके पास पर्याप्त रिजर्व बचे रहेंगे। बोनस से पहले कंपनी की पेड-अप कैपिटल (Paid-up Capital) ₹94.09 करोड़ थी, जो बोनस के बाद बढ़कर ₹103.49 करोड़ हो जाएगी।
आगे क्या होगा?
बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट के लिए शेयरधारकों की मंजूरी और रिकॉर्ड डेट (Record Date) की घोषणा बाकी है। इन फैसलों के बाद, शेयरधारक अब ज्यादा संख्या में शेयर रखेंगे। कंपनी का बिजनेस फोकस (Business Focus) अब सिर्फ पॉलिमर (Polymer) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल (Environment-friendly) सर्विसेज की ओर भी बढ़ेगा।
जोखिम के संकेत
स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) को शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी जरूरी है। साथ ही, बोनस इश्यू (Bonus Issue) और स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) के लिए रिकॉर्ड डेट (Record Date) अभी तय नहीं हुई है, जिससे निवेशकों में कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। नए ग्रीन टेक वेंचर्स (Green Tech Ventures) की सफलता कंपनी के एग्जीक्यूशन (Execution) और मार्केट की स्वीकार्यता पर निर्भर करेगी।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को बोनस इश्यू (Bonus Issue) और स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) के लिए रिकॉर्ड डेट (Record Date) की घोषणा पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी द्वारा ग्रीन टेक्नोलॉजी (Green Technology) और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) बिजनेस के लिए आगे की योजनाओं और रेवेन्यू प्रोजेक्शन (Revenue Projections) पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
