AMD Industries के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी ने FY26 में **₹4.25 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू में केवल **2%** की मामूली बढ़त दिखी। कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
AMD Industries के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू 2.09% बढ़कर ₹282.25 करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन बढ़ते खर्चों ने प्रॉफिट को निगल लिया। पिछले साल ₹1.01 करोड़ के मुनाफे में रहने वाली यह कंपनी अब ₹4.25 करोड़ के शुद्ध घाटे में आ गई है।
क्यों दबाव में है कंपनी?
मैनेजमेंट ने इस गिरावट की मुख्य वजह बढ़ती मटेरियल और ऑपरेटिंग कॉस्ट को बताया है। कंपनी अब Hindustan Autoplast के अधिग्रहण के बाद तालमेल बिठाने और कॉस्ट-कटिंग पर जोर दे रही है। बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी का 'टर्नअराउंड प्लान' कितनी जल्दी असर दिखाता है।
AGM और बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने अपनी 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को बुलाई है। इस मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए बुक क्लोजर 24 सितंबर से 30 सितंबर तक रहेगा। इसके अलावा, बोर्ड में भी फेरबदल हुए हैं:
- इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतुल गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया है।
- सुभाष चंद्र दुआ को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
- कमल कुमार को दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है महत्वपूर्ण?
आने वाले समय में कंपनी की वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और नई भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार की रणनीति बहुत मायने रखेगी। आगामी AGM में शेयरधारकों को कंपनी के भविष्य की राह और अधिग्रहण से मिलने वाले संभावित फायदों पर मैनेजमेंट से स्पष्ट जवाब मिलने की उम्मीद है।
