AGI Infra Ltd के शेयरहोल्डर्स ने QIP के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। **99.9997%** वोट शेयरहोल्डर्स के पक्ष में पड़े हैं, जिससे अब कंपनी के लिए पूंजी जुटाने का रास्ता साफ हो गया है।
भारी बहुमत से पास हुआ प्रस्ताव
AGI Infra Ltd की ओर से हाल ही में हुए पोस्टल बैलट के नतीजे सामने आए हैं। कंपनी ने 4 नवंबर, 2026 को यह प्रक्रिया पूरी की। आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 7,27,91,154 वोट डाले गए थे, जिसमें से 7,27,90,904 वोट प्रस्ताव के पक्ष में थे। वहीं, महज 250 वोट ही इस फैसले के खिलाफ पड़े। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी स्कूटिनाइजर श्री गौरव ठाकुर (Thakur G & Co) ने की।
क्यों अहम है यह कदम?
बोर्ड को मिली इस मंजूरी का मतलब है कि कंपनी अब एक या अधिक चरणों में बाजार से पूंजी जुटा सकती है। आमतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां बड़े प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने, कर्ज कम करने या वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने के लिए ऐसा कदम उठाती हैं। यह फैसला कंपनी के अगले विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
QIP के जरिए नए शेयर जारी करने से मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का रिस्क बना रहता है। इससे अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर क्या असर पड़ेगा, यह पूरी तरह से अंतिम इश्यू प्राइस और जारी किए गए शेयरों की कुल संख्या पर निर्भर करेगा। फिलहाल निवेशकों को कंपनी की अगली घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें इश्यू साइज और टाइमलाइन की जानकारी दी जाएगी।
