ACC Ltd के दूसरी तिमाही के नतीजे काफी कमजोर रहे हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट **₹1,112 करोड़** से घटकर महज **₹101 करोड़** रह गया है, जबकि Ambuja Cements के साथ मर्जर की प्रक्रिया अब आगे बढ़ रही है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी के वित्तीय परिणामों पर दबाव साफ दिख रहा है। Q2 FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹1,112 करोड़ के मुकाबले लुढ़ककर सिर्फ ₹101 करोड़ पर आ गया है। इसके पीछे मुख्य कारण ऑपरेशनल दबाव और ₹71 करोड़ का वोलेन्टरी सेवरेंस स्कीम (VSS) का खर्च है। साथ ही, कंपनी का रेवेन्यू भी ₹5,890 करोड़ से घटकर ₹5,612 करोड़ रह गया है।
अमबुजा सीमेंट्स के साथ मर्जर पर अपडेट
नतीजों के खराब होने के बावजूद, कंपनी का फोकस स्ट्रैटेजिक कंसोलिडेशन पर है। शेयरधारकों से मंजूरी मिलने के बाद, अब कंपनी 19 नवंबर, 2026 को होने वाली NCLT हियरिंग का इंतजार कर रही है, जो Ambuja Cements के साथ मर्जर की राह आसान करेगी।
कानूनी मोर्चे पर राहत और चुनौती
कंपनी के लिए एक अच्छी खबर कर्नाटक हाई कोर्ट से आई है, जहां एक माइनिंग विवाद में फैसला ACC के पक्ष में रहा। कोर्ट ने कंपनी को ₹125 करोड़ का रिफंड देने का आदेश दिया है। हालांकि, दूसरी तरफ ₹1,148 करोड़ का CCI जुर्माना अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिस पर 28 अक्टूबर, 2026 को सुनवाई होनी है।
कैश और डिपॉजिट का गणित
कंपनी के पास ₹4,403 करोड़ के इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICDs) हैं, जो उसकी होल्डिंग कंपनी Ambuja Cements के पास हैं। इन पर 8% प्रति वर्ष का ब्याज मिल रहा है और इनका भुगतान 31 मार्च, 2027 तक किया जाना है।
