ABB India का कोलकाता मेट्रो के साथ 25 साल का साथ, बिजली की खपत में **25%** की भारी बचत

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AuthorAditya Rao|Published at:
ABB India का कोलकाता मेट्रो के साथ 25 साल का साथ, बिजली की खपत में **25%** की भारी बचत

ABB India ने कोलकाता मेट्रो के साथ अपनी 25 साल पुरानी साझेदारी का खुलासा किया है, जिसमें कंपनी की इलेक्ट्रिफिकेशन और मोशन-कंट्रोल टेक्नोलॉजी की मदद से औसतन **25%** ऊर्जा की बचत हुई है। यह भारत के शहरी परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर में कंपनी की अहमियत को दर्शाता है।

ABB India ने कोलकाता मेट्रो को दी एडवांस इलेक्ट्रिफिकेशन टेक्नोलॉजी

ABB India और कोलकाता मेट्रो के बीच 25 साल पुरानी साझेदारी के चलते अब बिजली की खपत में औसतन 25% की कमी आई है।

खास बात

इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार हो रहे सुधारों से कंपनी की मार्केट में पकड़ मजबूत हो रही है और एफिशिएंसी बढ़ रही है।

क्या हुआ है?

ABB India ने कोलकाता मेट्रो के लिए इलेक्ट्रिफिकेशन और मोशन-कंट्रोल सॉल्यूशंस देने में अपनी 25 साल की भागीदारी पर प्रकाश डाला है। इन सॉल्यूशंस में लो-वोल्टेज और मीडियम-वोल्टेज गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर, डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड्स और वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव्स (VFDs) शामिल हैं। कंपनी की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मेट्रो के कई कॉरिडोर और अंडरग्राउंड स्टेशनों में कूलिंग, वेंटिलेशन और स्मोक एक्सट्रैक्शन जैसी ज़रूरी जगहों पर किया जा रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है?

यह पार्टनरशिप भारत के शहरी परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर में ABB India के बड़े योगदान और ज़बरदस्त ऊर्जा बचत क्षमता को दिखाती है। ABB Motion के HVAC-डेडिकेटेड ड्राइव्स के ज़रिए हासिल की गई औसतन 25% ऊर्जा बचत, कंपनी के सस्टेनेबिलिटी और ऑपरेशनल रिलायबिलिटी पर फोकस को दर्शाती है, जो भारतीय बाज़ार के लिए बेहद ज़रूरी है।

पिछला बैकग्राउंड

72 किमी के नेटवर्क पर रोज़ाना 5 लाख से ज़्यादा यात्रियों को सेवा देने वाली कोलकाता मेट्रो दशकों से ABB की टेक्नोलॉजी पर निर्भर रही है। कंपनी की मार्केट में अच्छी खासी मौजूदगी है, और इसकी टेक्नोलॉजी पहले से ही भारत के 80% से ज़्यादा मेट्रो रेल नेटवर्क्स में इस्तेमाल हो रही है।

अब क्या बदलेगा?

ABB India 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत के शहरी परिवहन के विकास का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता को मज़बूत कर रही है। कंपनी का लक्ष्य स्थानीय रूप से निर्मित, भविष्य के लिए तैयार प्रोडक्ट्स का लाभ उठाकर इंटेलिजेंट और लो-कार्बन ट्रांजिट इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा करना है।

ध्यान देने योग्य जोखिम

जहां यह प्रोजेक्ट एक सफलता है, वहीं प्रोजेक्ट के निष्पादन में जोखिम, लागत में संभावित वृद्धि और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

प्रतिस्पर्धी तुलना

ABB India इलेक्ट्रिफिकेशन और ऑटोमेशन स्पेस में Siemens, Schneider Electric, और L&T Electrical & Automation जैसे ग्लोबल और डोमेस्टिक प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। लंबे समय से चली आ रही पार्टनरशिप और ऊर्जा दक्षता पर ध्यान देना इसकी मुख्य खूबियाँ हैं।

प्रासंगिक मेट्रिक्स

  • साझेदारी की अवधि: 25 साल
  • औसत ऊर्जा बचत: 25%
  • मेट्रो नेटवर्क में इस्तेमाल: भारत के 80% से ज़्यादा मेट्रो नेटवर्क्स में ABB की टेक्नोलॉजी
  • कोलकाता मेट्रो के दैनिक यात्री: 5 लाख से ज़्यादा
  • कोलकाता मेट्रो नेटवर्क की लंबाई: 72 किमी

आगे क्या देखें

निवेशकों को शहरी परिवहन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में ABB India के नए प्रोजेक्ट्स पर नज़र रखनी चाहिए, साथ ही सस्टेनेबल और ऊर्जा-कुशल सॉल्यूशंस पर इसके निरंतर फोकस को भी ट्रैक करना चाहिए।

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