A B Infrabuild का शानदार प्रदर्शन, मुनाफे में **42.5%** का उछाल, लेकिन बढ़ता कर्ज बना चिंता

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AuthorAditya Rao|Published at:
A B Infrabuild का शानदार प्रदर्शन, मुनाफे में **42.5%** का उछाल, लेकिन बढ़ता कर्ज बना चिंता

A B Infrabuild ने H1 FY27 के दमदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू **53.7%** बढ़कर **₹150.48 करोड़** और नेट प्रॉफिट **42.5%** बढ़कर **₹10.33 करोड़** हो गया है। हालांकि, मजबूत नतीजों के बावजूद कंपनी पर लिक्विडिटी का दबाव बढ़ा है।

क्या है नतीजों का सार?

कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुए छमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। पिछले साल की समान अवधि के ₹7.25 करोड़ के मुकाबले, कंपनी का नेट प्रॉफिट इस बार ₹10.33 करोड़ रहा है। सितंबर तिमाही की बात करें तो कंपनी का रेवेन्यू ₹74.23 करोड़ और मुनाफा ₹4.99 करोड़ रहा है।

मुनाफे के पीछे का सच

कंपनी की ग्रोथ कागजों पर तो शानदार दिख रही है, लेकिन ऑपरेटिंग कैश फ्लो का निगेटिव होना चिंता की बात है। ऑपरेशन से कंपनी को ₹23.49 करोड़ का निगेटिव कैश फ्लो मिला है। इसकी बड़ी वजह यह है कि कंपनी का काफी पैसा संड्री डेटर्स (Sundry Debtors) में फंस गया है, जिसने करीब ₹24.99 करोड़ की लिक्विडिटी सोख ली है। इसका मतलब है कि मुनाफा अभी सिर्फ कागजों पर है और उसे कैश में बदलना बाकी है।

बढ़ता कर्ज और रिस्क

कंपनी की उधारी में भारी इजाफा हुआ है। 31 मार्च, 2026 को कंपनी पर जो कर्ज ₹88.25 करोड़ था, वह 30 सितंबर, 2026 तक बढ़कर ₹138.82 करोड़ हो गया है। बढ़ता कर्ज और निगेटिव कैश फ्लो कंपनी के लिए आने वाले समय में चुनौती बन सकते हैं।

ऑडिट और आगे की राह

इन नतीजों की 'लिमिटेड रिव्यू' सांख्यिकीय ऑडिटर्स Bhuwania & Agrawal Associates द्वारा की गई है, जिन्होंने इस पर अनमॉडिफाइड ओपिनियन दिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होनी चाहिए कि कंपनी अपने फंसी हुई उधारी को कैसे वसूलती है और शॉर्ट-टर्म कर्ज को कैसे मैनेज करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.