3M India ने दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **14.5%** बढ़कर **₹5,090 करोड़** रहा, जबकि मुनाफा **9.71%** बढ़कर **₹522 करोड़** हो गया। इसके साथ ही, कंपनी ने **₹506** प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है।
3M India का शानदार प्रदर्शन, ₹506 का डिविडेंड
3M India ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में 14.49% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो ₹5,089.76 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, कंपनी का मुनाफा 9.71% बढ़कर ₹522.32 करोड़ रहा।
क्यों है यह खबर अहम?
कंपनी के इन नतीजों से पता चलता है कि 3M India के अलग-अलग बिज़नेस सेगमेंट्स में मांग मजबूत बनी हुई है। कंपनी ने ₹506 प्रति शेयर के कुल डिविडेंड (जिसमें ₹160 फाइनल और ₹346 स्पेशल डिविडेंड शामिल हैं) का ऐलान किया है। यह शेयरधारकों को अच्छी वैल्यू लौटाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पूरी कहानी
इस फाइनेंशियल ईयर में 3M India के चारों प्रमुख बिज़नेस ग्रुप्स - हेल्थकेयर (17.5% ग्रोथ), सेफ्टी और इंडस्ट्रियल (16.0%), कंज्यूमर (15.6%) और ट्रांसपोर्टेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स (10.1%) - ने अच्छा प्रदर्शन किया। 1 अप्रैल 2024 से, कंपनी Solventum Corporation के हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स के लिए भारत में एक्सक्लूसिव लाइसेंस प्राप्त मैन्युफैक्चरर और रीसेलर भी बन गई है, जिससे उसका बिज़नेस और भी बढ़ गया है।
क्या बदलेगा अब?
नए चेयरमैन एम. डी. रंगनाथ और उनकी टीम अब कंपनी के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करती है, यह देखना दिलचस्प होगा। कंपनी में नेतृत्व में भी बदलाव हुए हैं; एम. डी. रंगनाथ को चेयरमैन बनाया गया है, जबकि मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश रामादुरई रिटायर हो गए हैं।
किन जोखिमों पर रहेगी नज़र?
कंपनी ने दो मुख्य बातों पर चिंता जताई है: पहला, वैश्विक मैक्रो इकोनॉमिक माहौल, जिसमें जियो-पॉलिटिकल टेंशन और सप्लाई चेन के जोखिम शामिल हैं। दूसरा, फाइनेंस कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी। टैक्स संबंधी मामलों पर ब्याज के कारण फाइनेंस कॉस्ट 289.44% बढ़कर ₹43.50 करोड़ हो गई है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कंपनी की ग्लोबल इकोनॉमिक जोखिमों और सप्लाई चेन की चुनौतियों से निपटने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए। नए इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सेगमेंट का प्रदर्शन और नए नेतृत्व का कंपनी को आगे बढ़ाने में प्रभाव भी महत्वपूर्ण होगा।
