20 Microns Ltd के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी हो गए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹17.40 करोड़** से घटकर **₹13.67 करोड़** पर आ गया है। हालांकि रेवेन्यू में मामूली बढ़त दिखी है, लेकिन बढ़ती लागत ने मार्जिन्स पर भारी दबाव डाला है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी ने सितंबर तिमाही में ₹238.16 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले तो बेहतर है, लेकिन मुनाफे की गाड़ी पटरी से उतर गई है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹17.40 करोड़ था, जो अब फिसलकर ₹13.67 करोड़ रह गया है।
लागत का बढ़ा दबाव
नतीजों में सबसे चिंताजनक बात कंपनी का खर्च है। कंसोलिडेटेड खर्च बढ़कर ₹220.01 करोड़ पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹208.84 करोड़ था। कच्चे माल (raw materials) और ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने के कारण कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स भी गिरकर ₹19.46 करोड़ रहा है, जबकि पहले यह ₹23.48 करोड़ था।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस
स्टैंडअलोन आधार पर देखें तो, कंपनी का रेवेन्यू ₹199.79 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹12.68 करोड़ पर सिमट गया, जो पिछले साल ₹14.03 करोड़ था।
निवेशकों के लिए चेतावनी
एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को अब कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर नजर रखनी चाहिए। क्या यह बढ़ती लागत केवल सप्लाई चेन की दिक्कत है या स्ट्रक्चरल बदलाव? आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल पाती है या नहीं, क्योंकि इसका सीधा असर प्रति शेयर आय (EPS) पर पड़ेगा।
