Ultramarine & Pigments लिमिटेड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी ने एक बड़ी पूंजीगत व्यय योजना (Capital Expenditure Plan) और डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश भी की है।
वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Standalone Revenue) ₹721.49 करोड़ रहा, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा (Profit After Tax) ₹72.32 करोड़ दर्ज किया गया। स्टैंडअलोन एंटिटी के लिए कुल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम (Total Comprehensive Income) ₹(94.37) करोड़ रही।
कंसॉलिडेटेड (Consolidated) आधार पर, वित्त वर्ष 2026 का रेवेन्यू ₹707.10 करोड़ और टैक्स के बाद मुनाफा ₹75.05 करोड़ रहा। कंसॉलिडेटेड टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम ₹88.23 करोड़ दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2026 के मुख्य वित्तीय आंकड़े:
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹721.49 करोड़
- कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू: ₹707.10 करोड़
- स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹72.32 करोड़
- कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹75.05 करोड़
विस्तार योजना और शेयरधारक रिटर्न
कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड की बैठक 20 मई, 2026 को हुई, जिसमें इन वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई। बोर्ड ने एक नई पिगमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए ₹250 करोड़ ($30 मिलियन) की एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी दे दी है। इस विस्तार योजना के तहत तमिलनाडु के मणप्पराई (Manapparai) में SIPCOT इंडस्ट्रियल पार्क में 2500 MT की क्षमता स्थापित की जाएगी।
इसके अलावा, बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर ₹6 ($0.07) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह भुगतान कंपनी के शेयरधारकों द्वारा आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मंजूरी मिलने पर ही किया जाएगा।
ग्रोथ स्ट्रेटेजी और संभावित जोखिम
यह नई पिगमेंट प्रोजेक्ट Ultramarine & Pigments की ग्रोथ स्ट्रेटेजी (Growth Strategy) में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य उत्पादन क्षमता और संभावित मार्केट शेयर को बढ़ाना है। इस विस्तार से भविष्य में कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
हालांकि, किसी भी विस्तार प्रोजेक्ट में स्वाभाविक रूप से जोखिम जुड़े होते हैं। इनमें प्रोजेक्ट के अमल में देरी, लागत में बढ़ोतरी और नए प्रोडक्ट्स की मार्केट में स्वीकार्यता जैसे जोखिम शामिल हो सकते हैं। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पिगमेंट्स की ग्लोबल डिमांड भी कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकती है।
शेयरधारक इस नई पिगमेंट प्रोजेक्ट की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे, खासकर समय-सीमा और बजट के पालन पर। AGM में प्रस्तावित डिविडेंड की मंजूरी भी एक महत्वपूर्ण घटना होगी।
