Talbros Automotive ने FY26 में दमदार ग्रोथ दर्ज की, डिविडेंड का भी किया ऐलान
Talbros Automotive Components ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने मुनाफे और रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है।
पूरे साल का प्रदर्शन
फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी ने ₹104.11 करोड़ (₹10,411.00 लाख) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट हासिल किया है, जो पिछले साल के ₹94.43 करोड़ से 10.25% ज्यादा है। FY26 में कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 5.18% बढ़कर ₹888.51 करोड़ (₹88,850.72 लाख) हो गई, जबकि FY25 में यह ₹844.73 करोड़ थी।
चौथी तिमाही के नतीजे
FY26 की चौथी तिमाही में, Talbros Automotive का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹31.62 करोड़ (₹3,161.75 लाख) रहा। इस तिमाही में टोटल इनकम ₹240.61 करोड़ (₹24,061.31 लाख) रही, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 14.07% की बड़ी बढ़ोतरी है।
डिविडेंड और वित्तीय सेहत
अपने बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए, बोर्ड ने 27.5% या ₹0.55 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को भी मजबूत किया है, जिसमें नॉन-करंट बोरिंग्स (गैर-चालू देनदारियां) ₹3.57 करोड़ से घटकर ₹2.01 करोड़ हो गई हैं। कुल इक्विटी ₹632.64 करोड़ से बढ़कर ₹742.95 करोड़ हो गई है।
खर्च प्रबंधन और कर्ज
हालांकि मुनाफे में वृद्धि हुई, FY26 में कुल खर्च ₹779.27 करोड़ रहा, जबकि टोटल इनकम ₹888.51 करोड़ थी। करंट बोरिंग्स (चालू देनदारियां) पिछले साल के ₹79.51 करोड़ से घटकर ₹72.89 करोड़ हो गई हैं। निवेशक कंपनी के खर्चों को नियंत्रित करने के उपायों और कर्ज प्रबंधन की रणनीतियों पर नजर रखेंगे।
भविष्य का दृष्टिकोण
Talbros Automotive का प्रदर्शन लगातार ग्रोथ की ओर इशारा करता है। निवेशकों के लिए मुख्य बातें होंगी कि कंपनी परिचालन लागत को कितनी प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर पाती है और कर्ज को और कम करने की उसकी क्या रणनीति है। मुनाफे को बनाए रखना और डिविडेंड का भुगतान जारी रखना भी महत्वपूर्ण कारक होंगे।
